Agency:एजेंसियां
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Solar Eclipse 2026 Greenland: 12 अगस्त 2026 को होने वाला टोटल सोलर एक्लिप्स ग्रीनलैंड में सबसे ज्यादा और सबसे लंबे समय तक दिखाई देगा. यहां 2 मिनट 18 सेकंड तक दिन में अंधेरा छा जाएगा. साफ आसमान, कम लाइट पॉल्यूशन और आर्कटिक लोकेशन के कारण ग्रीनलैंड इस खगोलीय घटना का वैश्विक केंद्र बनेगा. दुनिया भर से वैज्ञानिक और पर्यटक यहां पहुंचेंगे. (सभी फोटो Reuters)
साल 2026 का टोटल सोलर एक्लिप्स दुनिया के लिए एक बेहद दुर्लभ और रोमांचक खगोलीय घटना बनने जा रहा है. 12 अगस्त 2026 को होने वाला यह सूर्य ग्रहण केवल वैज्ञानिक घटना नहीं होगा, बल्कि यह इंसानों की भावनाओं, रोमांच और यात्रा की चाह को भी एक साथ जोड़ देगा. इस बार सबसे खास बात यह है कि दुनिया में इस ग्रहण का सबसे स्पष्ट, सबसे लंबा और सबसे प्रभावशाली नजारा ग्रीनलैंड में देखने को मिलेगा. यही वजह है कि ग्रीनलैंड इस सोलर एक्लिप्स का मुख्य केंद्र बनकर उभरा है और दुनिया भर से लोग यहां पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं.

इस टोटल सोलर एक्लिप्स के दौरान ग्रीनलैंड के कई हिस्सों में दिन के समय करीब 2 मिनट 18 सेकंड तक पूरी तरह अंधेरा छा जाएगा. वैज्ञानिकों के मुताबिक यह अवधि पूरी दुनिया में सबसे लंबी होगी. जैसे ही चंद्रमा सूरज को पूरी तरह ढक लेगा, आसमान में तारे दिखने लगेंगे, तापमान अचानक गिर जाएगा और सूर्य का कोरोना साफ दिखाई देगा. आर्कटिक क्षेत्र में यह दृश्य और भी जादुई होगा क्योंकि यहां प्राकृतिक रोशनी, बर्फीले पहाड़ और शांत वातावरण इस अनुभव को अविस्मरणीय बना देंगे.

ग्रीनलैंड को इस सोलर एक्लिप्स के लिए सबसे बेहतरीन स्थान इसलिए माना जा रहा है क्योंकि यहां आसमान साफ रहने की संभावना 70 प्रतिशत से अधिक है. अन्य देशों में बादल, बारिश या मौसम की अनिश्चितता ग्रहण देखने में बाधा बन सकती है. ग्रीनलैंड का रिमोट और कम आबादी वाला इलाका इसे खास बनाता है. यहां लाइट पॉल्यूशन न के बराबर है. इसका मतलब है कि टोटलिटी के दौरान सूर्य का कोरोना, प्लाज्मा रिंग और खगोलीय रंग बेहद साफ नजर आएंगे.
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इस ऐतिहासिक खगोलीय घटना को देखने के लिए दुनिया भर से एस्ट्रोनॉमर्स, वैज्ञानिक, फोटोग्राफर्स और एडवेंचर ट्रैवलर्स ग्रीनलैंड की ओर रुख कर रहे हैं. अमेरिका, यूरोप और एशिया से कई रिसर्च संस्थान पहले ही अपने वैज्ञानिक दल भेजने की योजना बना चुके हैं. अंतरराष्ट्रीय स्पेस एजेंसियां और यूनिवर्सिटीज इसे रिसर्च का सुनहरा मौका मान रही हैं. वहीं प्रोफेशनल फोटोग्राफर्स के लिए यह सदी का सबसे बेहतरीन शॉट साबित हो सकता है.

ग्रीनलैंड में इस सोलर एक्लिप्स को लेकर पर्यटन गतिविधियां भी तेजी से बढ़ रही हैं. कई इंटरनेशनल टूर ऑपरेटर्स ने स्पेशल सोलर एक्लिप्स पैकेज लॉन्च कर दिए हैं. इनमें क्रूज ट्रिप, हेलीकॉप्टर ऑब्जर्वेशन, आइस कैंप और आर्कटिक टूर शामिल हैं. होटल और अस्थायी कैंप तेजी से बुक हो रहे हैं. ग्रीनलैंड सरकार भी इस मौके को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के बड़े अवसर के रूप में देख रही है और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है.

इस सोलर एक्लिप्स का पाथ ऑफ टोटलिटी ग्रीनलैंड से शुरू होकर आइसलैंड, स्पेन और अटलांटिक महासागर तक जाएगा. हालांकि इन देशों में भी ग्रहण दिखाई देगा, लेकिन अवधि और स्पष्टता के मामले में ग्रीनलैंड सबसे आगे रहेगा. स्पेन में टोटलिटी करीब 1 मिनट 50 सेकंड की होगी, जबकि आइसलैंड में मौसम की अनिश्चितता बनी रह सकती है. यही वजह है कि ग्रीनलैंड को इस घटना का वैश्विक केंद्र माना जा रहा है.

सोलर एक्लिप्स 2026 सिर्फ खगोल विज्ञान की घटना नहीं है, बल्कि यह इंसान और प्रकृति के रिश्ते को महसूस करने का दुर्लभ मौका है. ग्रीनलैंड में इस ग्रहण को देखना जीवन भर की याद बन सकता है. बर्फीले पहाड़ों के बीच अचानक छाता अंधेरा, ठंडी हवाएं और आसमान में चमकता सूर्य कोरोना एक ऐसा दृश्य रचेंगे, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल होगा. यही कारण है कि कहा जा रहा है कि 2026 का यह सोलर एक्लिप्स ग्रीनलैंड को दुनिया के नक्शे पर हमेशा के लिए खास बना देगा.
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