मप्र के सेज अप्रभावित: एआई टैलेंट से मिडिल ईस्ट-यूरोप में भी अवसर – Indore News

ट्रंप टैरिफ के कारण दुनिया में चल रही अस्थिरता के बीच मध्य प्रदेश का विशेष आर्थिक प्रक्षेत्र (सेज) अप्रभावित रहा। चार महीने में आईटी एक्सपोर्ट में 2 फीसदी वृद्धि देखी गई है। वहीं फार्मा में भी मांग बनी हुई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रैल से जुलाई

.

यह पिछले वित्तीय वर्ष के 5884 करोड़ से चार करोड़ रुपए ज्यादा है। आईटी क्षेत्र में 22 करोड़ रुपए की बढ़त देखी गई, मल्टी प्रोडक्ट में गारमेंट, फैब्रिक, वोवन और केमिकल के कारण मामूली कमी आई, जिसे फार्मा ने संतुलित कर दिया है।

हाल ही में जारी इन आंकड़ों से सेज पीथमपुर और इंदौर की कंपनियों से एक्सपोर्ट का जो आकलन सामने आया है, उससे आने वाले दिनों में मल्टी प्रोडक्ट और आइटी सेज से अच्छी उम्मीद बन रही है। पिछले साल सेज एक्सपोर्ट में गिरावट देखी गई थी। इसकी वजह मल्टी प्रोडक्ट में आई कमी रही थी।

सॉफ्टवेयर एसोसिएशन के अखिलेश गांधी का कहना है, देश के आईटी एक्सपोर्ट में अमेरिका का हिस्सा करीब 62 प्रतिशत है। लेकिन अब कंपनियां मिडिल ईस्ट और यूएई में अवसर तलाश रही हैं। इन देशों के लिए तेजी से काम शुरू भी कर दिया गया है। वहां से भी एआई आधारित सॉल्यूशन की मांग आ रही है।

इसमें इंदौर अच्छा काम कर रहा है। कंपनियों के पास अच्छा एआई टैलेंट इंफोबीन्स के सहसंस्थापक सिद्धार्थ सेठी के अनुसार टैरिफ अस्थिरता के बीच इंदौर की कंपनियां एआई प्रोडक्ट में अच्छा काम कर रही हैं। एआई टैलेंट में हमारी क्षमताएं अच्छी होने से दुनिया की बड़ी कंपनियों में पैठ बनी हुई है। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और यूरोप से अच्छा निवेश मिल रहा है।

क्षमताएं वैश्विक मानकों पर खरी

फार्मा विशेषज्ञ डॉ. दर्शन कटारिया के अनुसार अमेरिका ने फार्मा प्रोडक्ट पर टैरिफ में बदलाव नहीं किया है। अब हमारी क्षमताएं वैश्विक मानकों के अनुरूप होने से अन्य देशों से भी काम आने लगा है।

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *