भोपाल. मध्य प्रदेश में पुलिस प्रशासन में बड़े फेरबदल हुए हैं. पुलिस मुख्यालय में पदस्थ सहायक पुलिस महानिरीक्षक आशीष खरे को छिंदवाड़ा का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बनाया गया है. इसके अलावा छह आईपीएस और राज्य पुलिस सेवा (SPS) के अधिकारियों के तबादले किए गए हैं. एसडीओपी मनावर अनु बेनिवाल को ग्वालियर का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी बैरसिया सर्वप्रिय सिन्हा को सिंगरौली का एएसपी बनाया गया. आदित्य पटले को छतरपुर का एएसपी नियुक्त किया गया, जबकि मंजीत सिंह चावला को एएसपी महिला सुरक्षा जोन इंदौर से एआईजी कार्यालय इंदौर ग्रामीण जोन में पदस्थ किया गया. रश्मि धुर्वे का तबादला निरस्त कर वर्तमान पोस्टिंग यथावत रखी गई.
1 अनु बेनिवाल (IPS, 2022), जो वर्तमान में एसडीओपी मनावर, ज़िला-धार में पदस्थ थीं, उन्हें अब ग्वालियर का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बनाया गया है.
2 सर्वप्रिय सिन्हा (IPS, 2022), एसडीओपी बैरसिया, ज़िला-भोपाल को सिंगरौली का एएसपी नियुक्त किया गया है.
3 आदित्य पटले (IPS, 2022), सहायक पुलिस आयुक्त विजयनगर, इंदौर को छतरपुर का एएसपी बनाया गया है.
4 मंजीत सिंह चावला (SPS, DD-2008), जो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महिला सुरक्षा जोन इंदौर में पदस्थ थे, उन्हें सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) कार्यालय, इंदौर ग्रामीण जोन में पदस्थ किया गया है.
5 श्रीमती रश्मि धुर्वे (SPS, DD-2006), सहायक पुलिस महानिरीक्षक बालाघाट जोन, का पूर्व में इंदौर (ग्रामीण) के लिए हुआ तबादला निरस्त कर दिया गया है. उनकी वर्तमान पोस्टिंग (सहायक पुलिस महानिरीक्षक, बालाघाट जोन) यथावत रखी गई है.
6 छिंदवाड़ा जिले में आशीष खरे की पोस्टिंग
पुलिस प्रशासन के इन बड़े तबादलों का उद्देश्य अधिकारियों को उनके अनुभव और स्थानीय सुरक्षा चुनौतियों के अनुसार रणनीतिक स्थानों पर पदस्थ करना है. विशेषकर छिंदवाड़ा जिले में आशीष खरे की पोस्टिंग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहाँ अपराध नियंत्रण और आपराधिक नेटवर्क की जांच में उनके अनुभव का लाभ मिलेगा. इसके अलावा, ग्वालियर, सिंगरौली और छतरपुर जैसे जिले भी कानून व्यवस्था की दृष्टि से अहम माने जाते हैं. मध्य प्रदेश पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये नियुक्तियां और तबादले राज्य सुरक्षा रणनीति के तहत नियमित रूप से किए जाते रहेंगे. अधिकारियों की नई पोस्टिंग से स्थानीय पुलिस प्रशासन और कानून व्यवस्था प्रबंधन में सकारात्मक सुधार की उम्मीद है. इन कदमों से राज्य के कई जिलों में पुलिस अधिकारियों की निगरानी, अपराध नियंत्रण और महिला सुरक्षा के मामलों में सुधार की दिशा में तेजी आएगी.
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