झड़ते बाल हो या ढीली त्वचा कई बीमारियों का इलाज है सी-बकथॉर्न, जानें फायदे

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Mandi News: सी-बकथोर्न, जिसे हिप्पोफी और छरमा भी कहते हैं, हिमाचल प्रदेश के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाता है. यह पौधा इंसुलिन रेजिस्टेंस, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड को कम करता है.

मंडी: वनस्पति में कई सारे पेड-पौधे ऐसे हैं, जो औषधीय गुणों से भरे हैं. ऐसा ही एक पौधा सी बकथॉर्न है, जिसे हिप्पोफी और छरमा भी कहते हैं. यह हिमाचल प्रदेश या ऐसे ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों पर ही पैदा होता है. इसके फल बेरीज की तरह होते हैं . डॉ. ओम के मुताबिक ये पौधा आपके पेरेंट्स की लाइफ को बदल सकता है. डॉक्टर के मुताबिक कुछ लोग इसे मिरैकल प्लांट भी कहते हैं.

इंसुलिन रेजिस्टेंस होगा कम

डॉ. ओम राज शर्मा ने लोकल 18 की टीम से बातचीत करते हुए यह बताया है कि यह इंसुलिन रेजिस्टेंस सुधारता है, जो डायबिटीज का मुख्य कारण है. इसमें शरीर इंसुलिन का इस्तेमाल नहीं कर पाता है, जो ब्लड शुगर कंट्रोल रखने का काम करता है. यह पौधा ब्लड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड को भी कम करता है.

डॉ ओम राज के अनुसार यह अकेला वेजिटेरियन सोर्स है, जो ओमेगा 3, ओमेगा 6, ओमेगा 7 और ओमेगा 9 देता है. यह दिमाग के विकास और कॉग्निटिव फंक्शन के लिए आवश्यक हैं. इन्हें दिल को हेल्दी रखने में भी मददगार देखा जाता है.

25 गुना ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट

आयुर्वेदिक डॉ के अनुसार बचपन से सिखाया जाता है कि रोज एक सेब खाने से बीमारी दूर रहती हैं. लेकिन यह सेब से 25 गुना ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट देता है . जो बीमारी को दूर रखने के लिए जाने जाते हैं. यह पौधा संतरे से 15 गुना ज्यादा विटामिन सी दे सकता है. यह भी एक एंटीऑक्सीडेंट है, जो इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए जरूरी है. इसके सेवन से स्किन, बाल और चेहरे को हेल्दी रखा जा सकता है.

ध्यान रखें ये बात

डॉक्टर ने यह भी बताया कि सी बकथॉर्न के उपयोग के साथ में एक्सरसाइज और डाइट करनी पड़ेगी. शरीर को हेल्दी रखने के लिए लाइफस्टाइल का सही होना बहुत जरूरी है .

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झड़ते बाल हो या ढीली त्वचा कई बीमारियों का इलाज है सी-बकथॉर्न, जानें फायदे

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