सर्दियों में फट रहे होंठ? बघेलखंडी दादी-नानी के ये देसी नुस्खे अपनाएं, कुछ दिन में पिंक और जूसी हो जाएंगे लिप्स

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Pink and Soft Lips Remedies: ठंड के मौसम में होंठों का फटना, जलन और बार-बार परत उतरना आम समस्या है. ऐसे में बघेलखंड की दादी-नानी के पुराने देसी नुस्खे एक बार फिर कारगर साबित हो रहे हैं. शहद, चुकंदर, नारियल तेल और मलाई जैसे प्राकृतिक उपाय होंठों को नमी देने के साथ उनका गुलाबी रंग भी बनाए रखते हैं.

ठंड का मौसम आते ही हाथ-पैर से ज्यादा बुरा हाल होंठों का हो जाता है. रूखापन, जलन और बार-बार परत उतरना आम समस्या बन जाती है. महंगे लिप बाम भी कई बार बेअसर रहते हैं ऐसे में बघेलखंड की दादी-नानी के आजमाए देसी नुस्खे एक बार फिर चर्चा में हैं जो होंठों को राहत देने का काम करते हैं.

सतना

बघेलखंडी परंपरा में सौंदर्य के लिए रसोई में मौजूद चीजों का इस्तेमाल किया जाता रहा है. आज के समय में भी ये नुस्खे उतने ही कारगर माने जा रहे हैं. सही तरीके से इनका उपयोग करने पर होंठ न सिर्फ मुलायम रहते हैं बल्कि उनका प्राकृतिक गुलाबी रंग भी धीरे-धीरे लौटने लगता है.

सतना

लोकल 18 से बातचीत में स्थानीय निवासी कमला तिवारी ने बताया कि सर्दियों में होंठों की त्वचा बेहद संवेदनशील हो जाती है. ऐसे में केमिकल प्रोडक्ट्स से बचते हुए प्राकृतिक उपाय ज्यादा सुरक्षित रहते हैं. शहद, नारियल तेल और चुकंदर जैसे तत्व होंठों की नमी और रंगत बनाए रखने में मदद करते हैं.

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रूखे और फटे होंठों की सबसे बड़ी वजह डेड स्किन का जमना होता है. इसके लिए चीनी और नारियल तेल से बना स्क्रब बेहद फायदेमंद माना जाता है. हल्के हाथों से स्क्रब करने पर जमी हुई परत हटती है और होंठों की त्वचा दोबारा सांस लेने लगती है.

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अगर होंठों का रंग काला पड़ गया है या फीका लगने लगा है तो चुकंदर का रस एक बेहतरीन उपाय है. रात को सोने से पहले इसे लगाने से होंठों को प्राकृतिक गुलाबी रंग मिलता है. यह तरीका लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर ज्यादा असरदार साबित होता है.

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ग्लिसरीन और गुलाब जल का मिश्रण सर्दियों में होंठों के लिए रामबाण माना जाता है. यह रूखेपन को दूर कर होंठों को मुलायम बनाता है. वहीं मलाई और शहद का इस्तेमाल होंठों को अंदर से पोषण देकर उन्हें फटने से बचाता है.

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देसी नुस्खों के साथ-साथ कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है. ठंड में धूप में निकलने से पहले लिप बाम लगाना फायदेमंद रहता है. होंठों को बार-बार चाटने की आदत से बचना चाहिए क्योंकि इससे नमी और ज्यादा खत्म हो जाती है.

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कुल मिलाकर देखा जाए तो सर्दियों में होंठों की देखभाल के लिए बघेलखंडी दादी-नानी के ये देसी नुस्खे आज भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं. नियमित इस्तेमाल और सही सावधानियों के साथ ये उपाय होंठों को मुलायम, स्वस्थ और प्राकृतिक रूप से पिंक बनाए रखने में कारगर साबित होते हैं.

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ठंड में फट रहे होंठ? अपनाएं ये देसी बघेलखंडी नुस्खे, कुछ दिनों में दिखेगा असर!

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