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पश्चिमी अफ्रीकी देश बेनिन में रविवार को बांग्लादेश की तरह ही तख्तापलट होने वाला था, जिसे नाकाम कर दिया गया. सेना के एक गुट ने नेशनल टेलीविजन पर आकर सत्ता पर कब्जे का दावा किया. लेकिन सरकार ने तुरंत पलटवार करते हुए इसे नाकाम बता दिया. बेनिन के इंटीरियर मिनिस्टर ने साफ किया कि आर्म्ड फोर्सेज ने इस बगावत को कुचल दिया है. इससे पहले सैनिकों ने टीवी पर संविधान को रद्द करने और बॉर्डर सील करने का ऐलान किया था. यह घटना पश्चिमी अफ्रीका में लोकतंत्र के लिए एक और बड़ा खतरा मानी जा रही है.
हाल के सालों में नाइजर, बुर्किना फासो और माली जैसे पड़ोसी देशों में तख्तापलट हो चुका है. हालांकि बेनिन सरकार का कहना है कि हालात अब कंट्रोल में हैं. राष्ट्रपति पैट्रिस टैलोन के वफादार सैनिकों ने मोर्चा संभाल लिया है. भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी पिछले साल (2024) छात्रों की अगुवाई में तख्तापलट हुआ था, जिसके बाद वहां की पीएम शेख हसीना को देश छोड़कर भागना पड़ा और मोहम्मद यूनुस की अगुवाई में वहां फिलहाल एक अंतरिम सरकार काम कर रही है.
टीवी पर आकर सैनिकों ने किया था ऐलान: सैनिकों का एक ग्रुप नेशनल टीवी पर दिखाई दिया. इसमें कम से कम आठ सैनिक शामिल थे. इनमें से कई ने हेलमेट पहन रखे थे. उन्होंने ऐलान किया कि कर्नल टिग्री पास्कल की अगुवाई में एक मिलिट्री कमिटी ने सत्ता अपने हाथ में ले ली है. इन सैनिकों ने देश के सभी इंस्टीट्यूशंस को भंग करने की बात कही. साथ ही संविधान को सस्पेंड करने का दावा किया. उन्होंने कहा कि देश के हवाई, जमीनी और समुद्री बॉर्डर बंद कर दिए गए हैं. एक सैनिक ने बयान पढ़ते हुए कहा कि सेना बेनिन के लोगों को एक नए युग की उम्मीद देना चाहती है. जहां भाईचारा, न्याय और काम को प्राथमिकता मिलेगी.
सरकार का दावा- साजिश को किया नाकाम: सैनिकों के दावे के कुछ ही देर बाद सरकार एक्टिव हो गई. इंटीरियर मिनिस्टर अलसाने सीदौ ने एक बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि आर्म्ड फोर्सेज ने तख्तापलट की कोशिश को नाकाम कर दिया है. इससे पहले फॉरेन मिनिस्टर ओलुशेगुन अजादी बाकरी ने भी स्थिति स्पष्ट की थी. उन्होंने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि सैनिकों के एक ‘छोटे ग्रुप’ ने सरकार गिराने की कोशिश की थी. लेकिन राष्ट्रपति पैट्रिस टैलोन के वफादार सुरक्षा बल व्यवस्था बहाल करने में जुटे हैं. सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. विद्रोही सैनिकों को काबू करने के लिए ऑपरेशन चलाया गया.
पश्चिमी अफ्रीका में लोकतंत्र पर संकट: बेनिन में हुई यह घटना पश्चिमी अफ्रीका में चल रहे ट्रेंड का हिस्सा लगती है. यह क्षेत्र पिछले कुछ सालों से राजनीतिक अस्थिरता का सामना कर रहा है. बेनिन के पड़ोसी देश नाइजर और बुर्किना फासो में सेना पहले ही सत्ता पर कब्जा कर चुकी है. इसके अलावा माली और गिनी में भी तख्तापलट हो चुके हैं. अभी पिछले महीने ही गिनी-बिसाऊ में भी ऐसी ही कोशिश हुई थी. इन घटनाओं ने पूरे रीजन में डेमोक्रेटिक नॉर्म्स के लिए खतरा पैदा कर दिया है. बेनिन अब तक स्थिर माना जाता था मगर इस घटना ने चिंता बढ़ा दी है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस पर नजर बनाए हुए है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
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