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- Avdheshanand Giri Maharaj Life Lesson. As Long As We Don’t Live Together In Harmony, We Will Not Find True Happiness.
हरिद्वार7 घंटे पहले
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हम सभी एक-दूसरे पर निर्भर हैं, इसलिए जब तक हम मिल-जुलकर नहीं रहेंगे, तब तक सच्चा सुख नहीं मिल सकता। व्यक्ति तभी सुखी हो सकता है, जब उसके आसपास का वातावरण संतुलित, स्वच्छ और सुंदर हो। यदि प्रकृति में संतुलन नहीं रहेगा, जैसे धरती, आकाश और अन्य प्राकृतिक तत्वों में असंतुलन होगा, तो हमारा जीवन जरूर प्रभावित होगा। इसलिए हमें प्रकृति का ध्यान रखना चाहिए, उसे स्वच्छ और संतुलित बनाए रखना चाहिए, तभी हम सभी सुखी रह सकते हैं।
आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए जीवन में श्रेष्ठ बनने के लिए क्या करें?
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