सेना में चौथी पीढ़ी…सोनीपत के अभिनव बने अधिकारी, पठानकोट की तमन्ना बनीं लेफ्टिनेंट

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OTA Gaya News: गया ओटीए में पासिंग आउट परेड में 207 कैडेट्स सेना अधिकारी बने. पर लेफ्टिनेंट अभिनव चौधरी और तमन्ना सलारिया की परिवारिक सैन्य परंपरा ने सबका ध्यान आकर्षित किया.

गयाजीः बिहार के गया स्थित ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी में शनिवार 6 सितंबर 2025 को पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया. पासिंग आउट परेड में एसएससी टेक्निकल कोर्स के 207 कैडेट शामिल हुए. इसमें 184 पुरुष जबकि 23 महिला कैडेट्स भी शामिल थी. सेना में कमीशन होने के बाद अब यह कैडेट सैन्य अधिकारी बन गए हैं. अब यह सैन्य अधिकारी देश के अलग-अलग रेजीमेंट में अपनी सेवा देंगे.

आंखों से निकले आंसू, दिखा प्यार

पासिंग आउट पैरैड के बाद गया ओटीए में पिपिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया जो ऑफिसर कैडेट्स और उनके परिवारों के लिए गौरवपूर्ण और रोमांचक अनुभव था. गया ओटीए से पास आउट हुए 207 कैडेट्स के परिवार के लोग भी शामिल थे और अपने बेटे बेटियों और भाई-बहन को सेना में अधिकारी बनने के बाद काफी खुशी जताते दिखे. कई लोग के आंखों से खुशी के आंसू निकल रहे थे तो कोई अपने बच्चों को खूब लाड प्यार कर रहे थे.

चार पीढ़ी से भारत माता की कर रहे हैं सेवा
इस बार गया ओटीए में कुछ ऐसे भी कैडेट्स थे, जिनकी चार पीढ़ी से भारत मां की सेवा करते आ रहे हैं. इनमें से एक कैडेट लेफ्टिनेंट अभिनव चौधरी थे, जो सोनीपत हरियाणा के रहने वाले हैं. इनके घर के लोग चार पीढी से भारतीय सेना में अपनी सेवा दे रहे हैं. सबसे पहले इनके पिताजी के दादा फिर अभिनव के दादाजी और इनके पिताजी के अलावा अब खुद अभिनव सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि अभिनव अपने दादा के यूनिट में हीं कमीशन प्राप्त किए हैं. अभिनव के पिता ने भी खुशी जाहिर करते हुए गया ओटीए के अधिकारियों को धन्यवाद दिया है.

तीन महीने के अंदर भाई और बने लेफ्टिनेंट
वही पठानकोट की कैडेट लेफ्टिनेंट तमन्ना सलारिया गया ओटीए से पास आउट हुई है. उनके परिवार के लिए सबसे बड़ी खुशी की बात यह है कि पिछले 3 महीने के अंदर उनके परिवार में दो लोग सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं. 3 महीने पहले उनके भाई लेफ्टिनेंट अक्षय सलारिया आइएमए देहरादून से पास आउट होकर सेना में अधिकारी बने हैं. इनके पिताजी भी सेवा में थे और हवलदार से रिटायर किए हैं. लेफ्टिनेंट तमन्ना सलारिया ने बताया कि दोनों भाई-बहन साथ में एसएसबी की तैयारी कर रहे थे. अब परिवार के लिए बहुत ही बड़ी खुशी है कि अब दोनों भाई-बहन लेफ्टिनेंट बन गए हैं.

Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले… और पढ़ें

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