LIC Investment: देश की सबसे बड़ी संस्थागत निवेशक एलआईसी ने हाल ही में अडानी ग्रुप की सीमेंट कंपनी एसीसी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार, एलआईसी ने एसीसी में अपनी हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से ऊपर कर ली है. अडानी ग्रुप की विभिन्न कंपनियों में एलआईसी के निवेश को लेकर विपक्ष ने सत्तारूढ़ बीजेपी को कई बार घेरने का काम किया हैं.
विपक्ष इस मुद्दे पर लगातार हमलावर रही हैं. एससीसी में निवेश को लेकर सरकार ने अपना पक्ष रखा हैं. सोमवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि, वित्त मंत्रालय एलआईसी को निवेश से संबंधित फैसलों पर कोई सलाह या निर्देश जारी नहीं करता हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि, यह निवेश स्थापित मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के अनुसार लिया गया था.
वित्त मंत्री ने दी जानकारी
वित्त मंत्री सीतारमण ने लोकसभा में जानकारी देते हुए कहा कि, देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी ने अडानी ग्रुप की आधा दर्जन से ज्यादा लिस्टेड कंपनियों में निवेश किया है. जिसकी कीमत 38,658.85 करोड़ रुपये है.
वित्त मंत्री के अनुसार बुनियादी बातों और विस्तृत प्रयासों के आधार पर पिछले कुछ सालों में निवेश संबंधी निर्णय लिए गए हैं. एसीसी कंपनी में निवेश को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया हैं कि, इस निवेश को लेकर मंत्रालय की ओर से किसी भी प्रकार का निर्देश नहीं दिया गया था. यह निवेश पूरी तरह से एसओपी के अनुसार किया गया है.
किन-किन कंपनियों में हैं निवेश?
वित्त मंत्री सीतारमण ने बताया कि, एलआईसी ने अपने बोर्ड की मंजूरी और तय प्रक्रियाओं का पालन करते हुए मई 2025 में अडानी पोर्ट्स स्पेशल इकोनॉमिक की सुरक्षित एनसीडी में 5 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया है.
उन्होंने यह भी कहा कि, एलआईसी आम तौर पर एनएसई और बीएसई की टॉप 500 लिस्टेड कंपनियों में निवेश करती है, और इसके पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा इन्हीं बड़ी कंपनियों में लगा हुआ हैं.
यह भी पढ़ें: IPO में दांव लगाने वाले निवेशको को तगड़ा नुकसान, 40 फीसदी डिस्काउंट पर लिस्ट हुई यह कंपनी
.