खंडवा. सर्दी के मौसम में अगर किसान खेती के जरिए अच्छी कमाई करना चाहते हैं, तो भिंडी की अगेती खेती उनके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है. जनवरी से फरवरी के बीच भिंडी की बुवाई करने वाले किसानों को मंडियों में जबरदस्त दाम मिलते हैं. इस समय बाजार में भिंडी की आवक कम रहती है जबकि मांग अधिक होती है. इसी वजह से किसानों को सामान्य मौसम की तुलना में दोगुना से भी ज्यादा मुनाफा मिलता है. भिंडी की अगेती खेती करने का सबसे बड़ा फायदा इसका बाजार भाव है. जनवरी में बोई गई भिंडी जब मंडी में पहुंचती है, तब इसका दाम 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक मिल सकता है जबकि सामान्य सीजन में यही भिंडी 20 से 30 रुपये प्रति किलो के भाव में बिकती है. ऐसे में किसान एक ही फसल से प्रति एकड़ लाखों रुपये की आमदनी कर सकते हैं.
सर्दी में भिंडी की फसल को ठंड से बचाने के लिए क्रॉप कवर और प्लास्टिक मल्च का इस्तेमाल बेहद जरूरी माना जाता है. क्रॉप कवर शुरुआत में थोड़ा महंगा जरूर लगता है लेकिन यह 5 से 6 साल तक चलता है और दूसरी सब्जियों की खेती में भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे इसकी लागत आसानी से निकल आती है. वहीं प्लास्टिक मल्च खेत का तापमान संतुलित बनाए रखता है. इसके उपयोग से खरपतवार नहीं उगते, मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहती है और सिंचाई की जरूरत भी कम हो जाती है.
लोकल 18 से बातचीत में खंडवा के किसान सलाहकार नवनीत रेवापाटी बताते हैं कि भारत में बहुत कम जगहों पर रबी सीजन में भिंडी की खेती होती है लेकिन जहां यह की जाती है, वहां किसानों को अच्छा मुनाफा मिलता है. इस सीजन में भिंडी की फसल में डिशेज और पाउडरी मिल्ड्यू जैसी बीमारियों का खतरा ज्यादा रहता है. अगर किसान समय-समय पर इन रोगों पर स्प्रे करें, तो उत्पादन काफी बेहतर मिल सकता है.
नवनीत बताते हैं कि खंडवा जिले के आसपास सनावद के काटकूट क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान सर्दियों में भिंडी की खेती कर रहे हैं. यहां के किसानों को न सिर्फ अच्छा उत्पादन मिलता है बल्कि उन्हें मंडी में बढ़िया भाव भी मिलता है. बाहर से व्यापारी सीधे गांवों में आकर भिंडी खरीदते हैं, जिससे किसानों को परिवहन का खर्च भी कम पड़ता है.
बीज दर और खेती का तरीका
खंडवा जिले में सामान्य तौर पर भिंडी की बीज दर लगभग एक किलो प्रति एकड़ रखी जाती है. वहीं काटकूट क्षेत्र के किसान 3 से 4 किलो बीज प्रति एकड़ तक उपयोग करते हैं. इसका कारण यह है कि वहां किसान फसल को ज्यादा लंबे समय तक नहीं चलाते और जल्दी उत्पादन लेकर बाजार में उतार देते हैं.
इन वैरायटी से मिलेगा बेहतर उत्पादन
सर्दी में भिंडी की खेती के लिए ऐसी किस्मों का चयन करना जरूरी है, जो ठंड को सहन कर सकें और जल्दी उत्पादन दें. किसानों के बीच एडवांटा कंपनी की राधिका वैरायटी काफी लोकप्रिय है. इसके अलावा नुमेंस की सिंघम वैरायटी भी बेहतर उत्पादन के लिए जानी जाती है. हालांकि किसानों को अपने क्षेत्र की मांग और जलवायु के अनुसार वैरायटी का चयन करना चाहिए.
समझदारी से करें खेती
अगर किसान सही समय पर बुवाई, उन्नत किस्म, आधुनिक तकनीक और रोग नियंत्रण पर ध्यान दें, तो सर्दी में भिंडी की अगेती खेती कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाली साबित हो सकती है. यह खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने का एक मजबूत जरिया बन रही है.
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