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Pani puri Business Success Story: मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले की पिछोर तहसील में एक युवक की पानी पुरी इन दिनों लोगों के बीच खासा आकर्षण बन चुकी है. यहां ₹10 की एक पानी पुरी इतनी बड़ी होती है कि कई लोगों का पेट भर जाता है. अहमदाबाद में काम सीखकर लौटे युवक ने अपने गांव में पानी पुरी का ठेला शुरू किया और आज उसका स्वाद पूरे इलाके में मशहूर हो चुका है. पहले वह 15 हजार रुपये महीने की नौकरी करता था लेकिन अब अपने ठेले से रोज 1500 से 2000 रुपये तक की कमाई कर रहा है. यह कहानी बताती है कि मेहनत और आत्मविश्वास के साथ छोटा काम भी बड़ी सफलता दिला सकता है.
Street Food Business Success Story: अगर आप पानी पुरी या गोलगप्पे खाने के शौकीन हैं तो शिवपुरी जिले की पिछोर तहसील की यह खास पानी पुरी जरूर ट्राई करनी चाहिए. यहां मिलने वाली पानी पुरी का साइज इतना बड़ा होता है कि ₹10 की एक टिक्की से ही कई लोगों का पेट भर जाता है.
आमतौर पर लोग दुकानदार से बड़ी पानी पुरी मांगते हैं, लेकिन यहां आने वाले ग्राहक मजाक में कहते हैं कि भैया थोड़ा छोटा साइज में दे दो. वजह यह है कि यहां की पानी पुरी बाकी जगहों से काफी बड़ी होती है और स्वाद भी अलग होता है.
अहमदाबाद से सीखा काम, गांव में शुरू किया ठेला
शिवपुरी जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर पिछोर तहसील में डाक बंगले के आगे ग्रामीण बैंक के सामने आशीष लोधी का पानी पुरी का ठेला लगता है. आशीष पहले जेसीबी मशीन चलाने का काम करते थे. बाद में वह गुजरात के अहमदाबाद चले गए, जहां उन्होंने पानी पुरी बनाने और बेचने का तरीका सीखा. कुछ समय बाद उन्हें अपने घर की याद आने लगी और उन्होंने वापस अपने इलाके में आकर यही काम शुरू कर दिया. आज उनकी पानी पुरी अपने अलग स्वाद और बड़े साइज की वजह से पूरे इलाके में मशहूर हो चुकी है.
रोज लगती है ग्राहकों की लाइन
गर्मी के मौसम में आशीष के ठेले पर काफी भीड़ रहती है. अक्सर 10 से 15 लोगों की लाइन लगी रहती है. वह रोज करीब 100 लीटर पानी का झोल तैयार करके लाते हैं. इसके अलावा 14 लीटर के करीब 8 से 10 डिब्बे भी रोज खत्म हो जाते हैं. लोग यहां सिर्फ पानी पुरी ही नहीं बल्कि सूखी टिक्की भी काफी पसंद करते हैं. इसमें बड़े साइज की टिक्की के साथ आलू का पेस्ट, मसाले और खास चटनियों का स्वाद मिलता है.
नौकरी छोड़ी लेकिन बढ़ गई कमाई
आशीष बताते हैं कि पहले वह जेसीबी चलाकर करीब 15 हजार रुपये महीने कमाते थे. बाद में उन्होंने नौकरी छोड़कर पानी पुरी का काम शुरू किया. उनका कहना है कि लोग सोचते हैं कि नौकरी छोड़ने के बाद मुश्किलें बढ़ जाती हैं, लेकिन उनके साथ उल्टा हुआ. अब वह रोज करीब 1500 से 2000 रुपये तक की कमाई कर लेते हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि अब वह अपने काम से खुश हैं और अपने ही इलाके में रहकर अच्छी कमाई भी कर रहे हैं. उनकी यह कहानी यह साबित करती है कि अगर मेहनत और हिम्मत हो तो छोटा सा ठेला भी बड़ी पहचान बना सकता है.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें
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