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Raipur youth startup story : रायपुर के गुढ़ियारी निवासी 22 वर्षीय करन ने छोटी नौकरी छोड़कर वफल स्टार्टअप शुरू किया और आज रोजाना करीब 5 हजार रुपये की कमाई कर रहे हैं. पचपेड़ी नाका रोड स्थित उनकी दुकान युवाओं में तेजी से लोकप्रिय हो रही है. 2 लाख की लागत से शुरू हुए इस कारोबार की अब एमजी रोड पर भी शाखा खुल चुकी है.
CG News : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में युवाओं के स्टार्टअप की कहानियां अब प्रेरणा का स्रोत बनती जा रही हैं. ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है गुढ़ियारी इलाके में रहने वाले 22 वर्षीय करन की, जिन्होंने कम उम्र में ही खुद का व्यवसाय खड़ा कर आत्मनिर्भर बनने की मिसाल पेश की है. करन रायपुर के पचपेड़ी नाका रोड स्थित पुजारी पार्क के पास वफल की शॉप संचालित कर रहे हैं, जहां हर शाम ग्राहकों की अच्छी भीड़ देखने को मिलती है.
सपनों को साकार करने का फैसला
करन बताते हैं कि वे पहले एक निजी जगह पर नौकरी किया करते थे. वहां रोजाना करीब 8 घंटे काम करने के बाद उन्हें मात्र 9 हजार रुपये तक की मासिक सैलरी मिलती थी. उसी दौरान उन्होंने वफल बनाना सीखा और इस नए फूड आइटम की लोकप्रियता को समझा. धीरे – धीरे उनके मन में खुद का स्टार्टअप शुरू करने का विचार आया. नौकरी के साथ अनुभव लेने के बाद उन्होंने अपने सपनों को साकार करने का फैसला किया और खुद की वफल शॉप शुरू कर दी.
रोजाना की आय करीब 5 हजार
करन ने लगभग 2 लाख रुपये की शुरुआती लागत से अपने व्यवसाय की शुरुआत की. शुरुआत में चुनौतियां भी आईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. अच्छी क्वालिटी, साफ – सफाई और ग्राहकों के स्वाद को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी दुकान को आगे बढ़ाया. आज उनकी मेहनत रंग ला रही है. वर्तमान समय में उनकी रोजाना की आय करीब 5 हजार रुपये तक पहुंच चुकी है, जो एक छोटे स्टार्टअप के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.
दुकान पर रोजाना बड़ी संख्या में ग्राहक
करन का कहना है कि वफल एक चॉकलेटी और आकर्षक फूड आइटम है, जिसे खासतौर पर युवा वर्ग और बच्चे बहुत पसंद कर रहे हैं. चॉकलेट, क्रीम और विभिन्न फ्लेवर के कारण यह मिठाई लोगों को खूब लुभा रही है. यही वजह है कि उनकी दुकान पर रोजाना बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंच रहे हैं. उनकी शॉप शाम 5 बजे से रात 11:30 बजे तक खुली रहती है, ताकि ऑफिस से लौटने वाले और घूमने निकलने वाले लोग आसानी से यहां आ सकें.
करन की सफलता यहीं तक सीमित नहीं है. उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार करते हुए एमजी रोड पर एक और ब्रांच शुरू की है. इससे उनकी पहचान और आमदनी दोनों में वृद्धि हुई है. उनका मानना है कि अगर युवा सही योजना और मेहनत के साथ आगे बढ़ें तो छोटे स्तर से शुरू किया गया स्टार्टअप भी बड़ा रूप ले सकता है.
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7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें
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