लखनऊ के बर्लिंगटन क्लीनिक के सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. सारांश जैन ने News18.Com को बताया कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन पुरुषों को होने वाली एक परेशानी है, जिसमें उनका प्राइवेट पार्ट यौन संबंधों के लिए सही तरीके से इरेक्शन नहीं कर पाता है और उसमें ढीलापन आ जाता है. अधिकतर लोग इसे उम्र से संबंधित समस्या मानते हैं, लेकिन कई रिसर्च में पता चला है कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन बहुत पहले शुरू हो सकता है. कभी-कभी 30 या 40 की उम्र के पुरुषों में भी यह समस्या हो सकती है. कई मामलों में यह परेशानी हार्ट डिजीज, डायबिटीज या हार्मोनल असंतुलन का भी संकेत हो सकती है.
एक्सपर्ट के अनुसार इरेक्टाइल डिसफंक्शन के कई कारण हो सकते हैं. हाई ब्लड प्रेशर या कोलेस्ट्रॉल से ब्लड फ्लो धीमा हो जाता है. डायबिटीज से नसें और ब्लड वेसल्स डैमेज हो सकती हैं. कम टेस्टोस्टेरोन से यौन इच्छा घटती है. कुछ दवाइयां जैसे- डिप्रेशन या ब्लड प्रेशर की दवाएं भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन की वजह बन सकती हैं. इसके अलावा मोटापा, स्मोकिंग और शराब भी ED की बड़ी वजह हैं. इरेक्टाइल डिसफंक्शन केवल शरीर की नहीं, मन की भी समस्या हो सकती है. ज्यादा तनाव, डिप्रेशन, काम का दबाव या परफॉर्मेंस की चिंता भी ED की वजह बनती है. जब हम बहुत तनाव में होते हैं, तो शरीर फाइट या फ्लाइट मोड में चला जाता है और प्राइवेट पार्ट में खून का प्रवाह कम हो जाता है. ऐसे में रिलैक्स रहना और मानसिक संतुलन बनाए रखना जरूरी होता है.
अब सवाल है कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन से कैसे बचाव किया जा सकता है? इस पर डॉक्टर का कहना है कि सबसे पहले तो स्मोकिंग छोड़ें, क्योंकि यह खून की नसों को नुकसान पहुंचाता है. शराब और नशे से दूर रहें और नियमित व्यायाम करें, जिससे प्राइवेट पार्ट में ब्लड फ्लो बेहतर होगा. संतुलित आहार लें और फल, सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स का सेवन करें. तनाव को कम करें. इसके लिए मेडिटेशन और योग मददगार है. रोज रात में 7-8 घंटे की नींद जरूर लें. अगर किसी बीमारी की दवा ले रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें कि वह यौन स्वास्थ्य पर असर तो नहीं डाल रही है. अगर आप शुरुआत में ही डॉक्टर से मिलकर ट्रीटमेंट कराएंगे, तो आपकी समस्या दूर हो सकती है. अगर आपको बार-बार ED की समस्या हो रही है, तो इसे छुपाने की बजाय अपने पार्टनर से खुलकर बात करें. इससे मानसिक दबाव कम होगा और रिश्ता भी बेहतर रहेगा.