गुप्त रोगी मिलें… ऐसे ठिकाने छोड़िए, डॉक्टर से जानें क्या है इरेक्टाइल डिसफंक्शन, इसकी वजह और बचाव भी समझें

All About Erectile Dysfunction: हमारा समाज काफी तरक्की कर गया है, लेकिन सेक्सुअल हेल्थ से जुड़ी बातों को लेकर आज भी लोग शर्म महसूस करते हैं. इसके कारण सेक्सुअल प्रॉब्लम्स से जूझ रहे लोग अपनी परेशानी को किसी के साथ शेयर नहीं कर पाते हैं और उनकी समस्या लगातार बढ़ती जाती है. कई बार ऐसे मरीज ऑनलाइन इलाज ढूंढते हैं या फिर दोस्तों की सलाह मानकर खुद ही ट्रीटमेंट करना शुरू कर देते हैं. ऐसा करना सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है. आज के दौर में बड़ी संख्या में पुरुष इरेक्टाइल डिसफंक्शन (Erectile Dysfunction) से जूझ रहे हैं और वे डॉक्टर के पास जाने के बजाय नीम-हकीम के चक्कर में पड़ जाते हैं. इससे उनकी समस्या भी बढ़ जाती है और हजारों रुपये भी खर्च हो जाते हैं.

लखनऊ के बर्लिंगटन क्लीनिक के सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. सारांश जैन ने News18.Com को बताया कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन पुरुषों को होने वाली एक परेशानी है, जिसमें उनका प्राइवेट पार्ट यौन संबंधों के लिए सही तरीके से इरेक्शन नहीं कर पाता है और उसमें ढीलापन आ जाता है. अधिकतर लोग इसे उम्र से संबंधित समस्या मानते हैं, लेकिन कई रिसर्च में पता चला है कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन बहुत पहले शुरू हो सकता है. कभी-कभी 30 या 40 की उम्र के पुरुषों में भी यह समस्या हो सकती है. कई मामलों में यह परेशानी हार्ट डिजीज, डायबिटीज या हार्मोनल असंतुलन का भी संकेत हो सकती है.

डॉक्टर ने बताया कि जब पुरुष यौन उत्तेजना महसूस करता है, तो उसका दिमाग एक सिग्नल भेजता है, जिससे प्राइवेट पार्ट में नसों में खून भर जाता है और वह इरेक्ट हो जाता है. इस प्रक्रिया में दिमाग, नसें, हार्मोन और खून का प्रवाह सबका सही से काम करना जरूरी होता है. अगर नसों में ब्लॉकेज, कम टेस्टोस्टेरोन या तनाव ज्यादा हो, तो इरेक्शन में परेशानी होती है. इरेक्टाइल डिसफंक्शन यानी ED धीरे-धीरे शुरू होती है, लेकिन इसके कुछ शुरुआती संकेत होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज़ नहीं करना चाहिए. अगर आपका इरेक्शन जल्दी ढीला पड़ जाता है या पहले की तुलना में कमजोर इरेक्शन हो रहा है, तो इस बारे में डॉक्टर से कंसल्ट करें. अगर सुबह उठते समय भी इरेक्शन नहीं हो रहा है, तो यह ईडी का संकेत हो सकता है.

एक्सपर्ट के अनुसार इरेक्टाइल डिसफंक्शन के कई कारण हो सकते हैं. हाई ब्लड प्रेशर या कोलेस्ट्रॉल से ब्लड फ्लो धीमा हो जाता है. डायबिटीज से नसें और ब्लड वेसल्स डैमेज हो सकती हैं. कम टेस्टोस्टेरोन से यौन इच्छा घटती है. कुछ दवाइयां जैसे- डिप्रेशन या ब्लड प्रेशर की दवाएं भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन की वजह बन सकती हैं. इसके अलावा मोटापा, स्मोकिंग और शराब भी ED की बड़ी वजह हैं. इरेक्टाइल डिसफंक्शन केवल शरीर की नहीं, मन की भी समस्या हो सकती है. ज्यादा तनाव, डिप्रेशन, काम का दबाव या परफॉर्मेंस की चिंता भी ED की वजह बनती है. जब हम बहुत तनाव में होते हैं, तो शरीर फाइट या फ्लाइट मोड में चला जाता है और प्राइवेट पार्ट में खून का प्रवाह कम हो जाता है. ऐसे में रिलैक्स रहना और मानसिक संतुलन बनाए रखना जरूरी होता है.

अब सवाल है कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन से कैसे बचाव किया जा सकता है? इस पर डॉक्टर का कहना है कि सबसे पहले तो स्मोकिंग छोड़ें, क्योंकि यह खून की नसों को नुकसान पहुंचाता है. शराब और नशे से दूर रहें और नियमित व्यायाम करें, जिससे प्राइवेट पार्ट में ब्लड फ्लो बेहतर होगा. संतुलित आहार लें और फल, सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स का सेवन करें. तनाव को कम करें. इसके लिए मेडिटेशन और योग मददगार है. रोज रात में 7-8 घंटे की नींद जरूर लें. अगर किसी बीमारी की दवा ले रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें कि वह यौन स्वास्थ्य पर असर तो नहीं डाल रही है. अगर आप शुरुआत में ही डॉक्टर से मिलकर ट्रीटमेंट कराएंगे, तो आपकी समस्या दूर हो सकती है. अगर आपको बार-बार ED की समस्या हो रही है, तो इसे छुपाने की बजाय अपने पार्टनर से खुलकर बात करें. इससे मानसिक दबाव कम होगा और रिश्ता भी बेहतर रहेगा.

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