बड़ी सौगात…: तीन चरणों में होगा काम, तीन साल में अपने कैंपस में शिफ्टिंग – Bhopal News

भोपाल जल्द ही राष्ट्रीय सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, पुलिस विज्ञान, कानून और रणनीतिक अध्ययन जैसे क्षेत्रों में देश का बड़ा शैक्षणिक केंद्र बनेगा। गृह मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) यहां 100 करोड़ रुपए की लागत से 10 एकड़ भूमि पर अ

.

निर्माण कार्य तीन चरणों में पूरा किया जाएगा, जो 2028 तक तैयार हो जाएगा। स्थायी परिसर तैयार होने से पहले राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में ट्रांजिट कैंपस से पढ़ाई शुरू होगी। 2025-26 सत्र की शुरुआत इसी माह से होगी। आरआरयू को क्लासरूम, लैब और बुनियादी सुविधाएं आरजीपीवी उपलब्ध कराएगा।

भोपाल कैंपस में सर्टिफिकेट से लेकर रिसर्च लेवल तक के कोर्स होंगे। इनमें साइबर सुरक्षा, एआई, कानून, क्रिमिनोलॉजी, पुलिस साइंस, आंतरिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन जैसे विषय शामिल होंगे। सभी कोर्स टीआरईसीसी मॉडल (ट्रेनिंग, रिसर्च, एजुकेशन, एक्स्टेंशन, कंसल्टेंसी) पर आधारित होंगे। कैंपस में स्मार्ट क्लासरूम, हाईटेक लैब्स, डिजिटल पुस्तकालय, आवासीय सुविधा और एक ओलिंपिक स्तर का खेल परिसर भी बनाया जाएगा, जहां खेल विज्ञान से जुड़े शोध होंगे।

इस कैंपस से पुलिस और सरकारी अधिकारियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण और स्किल अपग्रेडेशन का लाभ मिलेगा। कुलपति प्रो. बिमल एन. पटेल और उनकी टीम इसकी निगरानी कर रही है।

प्रो. वाइस चांसलर डॉ.कल्पेश एच वांद्रा ने बताया कि निर्माण कार्य 2028 तक पूरा हो जाएगा। भोपाल का यह कैंपस केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि अनुसंधान, खेल प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून प्रवर्तन और आंतरिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी अहम भूमिका निभाएगा।

आरजीपीवी स्थित ट्रांजिट कैंपस से 2025–26 के शैक्षणिक सत्र की शुरुआत इसी माह से की जाएगी। पहले बैच की कक्षाएं इसी ट्रांजिट कैंपस में संचालित होंगी। इस अस्थायी व्यवस्था के तहत आरआरयू और आरजीपीवी के बीच सहयोग कर क्लासरूम, लैब, आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियां समय पर शुरू की जा सकें।

रिसर्च और इनोवेशन के लिए विशेष सुविधाएं

भोपाल कैंपस में रिसर्च, इनोवेशन और आउटरीच को बढ़ावा देने के लिए विशेष बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। यहां एक अत्याधुनिक केंद्रीय पुस्तकालय भी स्थापित होगा, जिसमें डिजिटल और मुद्रित पुस्तकें, शोध पत्रिकाएं तथा नवीनतम अनुसंधानों से संबंधित संसाधन उपलब्ध रहेंगे। छात्रों, फैकल्टी और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी, ताकि एक समर्पित और केंद्रित शैक्षणिक वातावरण तैयार किया जा सके।

मकसद… राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप होंगे कोर्स भोपाल कैंपस में संचालित होने वाले पाठ्यक्रम राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और समसामयिक चुनौतियों के अनुरूप होंगे। यहां सर्टिफिकेट, अंडरग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और रिसर्च स्तर के प्रोग्राम संचालित किए जाएंगे। (इन सभी पाठ्यक्रमों की पढ़ाई और प्रशिक्षण आरआरयू के टीआरईईसी मॉडल ट्रेनिंग, रिसर्च, एजुकेशन, एक्स्टेंशन और कंसल्टेंसी) पर आधारित होंगे।

कोर्स इस तरह से डिजाइन किए जाएंगे कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा की लगातार बदलती जरूरतों को पूरा कर सकें। इनमें व्यावहारिक प्रशिक्षण, नवाचार आधारित अनुसंधान और बहुविषयी दृष्टिकोण को विशेष महत्व दिया जाएगा।

अब देशभर में विस्तार कर रहा है राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का मुख्य कैंपस गुजरात के गांधी नगर में स्थित है, लेकिन अब यह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय विस्तार की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहा है। देशभर में सुरक्षा, कानून और रणनीतिक अध्ययन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आरआरयू के विभिन्न क्षेत्रीय कैंपस स्थापित किए जा चुके हैं और कुछ निर्माणाधीन हैं।

इसका एक कैंपस अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में संचालित हो रहा है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में लखनऊ में एक और क्षेत्रीय कैंपस सक्रिय है, जहां पुलिस प्रशासन, साइबर सुरक्षा और इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी जैसे कोर्स हैं।

कर्नाटक के शिवमोगा में कैंपस खुला, जम्मू-कश्मीर में जल्द कर्नाटक के शिवमोगा में आरआरयू का कैंपस शुरू हो चुका है। इसके अतिरिक्त पुडुचेरी में भी आरआरयू का एक कैंपस संचालित है। आने वाले समय में जम्मू-कश्मीर में भी कैंपस खुलेगा। इन सभी विस्तार योजनाओं का उद्देश्य देश के अलग-अलग हिस्सों में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी शिक्षा और प्रशिक्षण को क्षेत्रीय स्तर तक पहुंचाना है, जिससे युवाओं को उनके ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके। साथ ही ज्यादा से ज्यादा युवा देश की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को समझकर उसमें अपना योगदान दे सकें।

.

Source link

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *