Last Updated:
Indonesia में भूस्खलन के बाद चारों तरफ तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है. कुदरत के इस कहर के बाद कई जानें चली गई हैं. मलबे में दबे लोगों को अभी तक खोज नहीं जा सका है. इस भूस्खलन की गहराई देखकर बचाव दल के हाथ-पांव फूल गए हैं.
जकार्ता: इंडोनेशिया की एक टूरिस्ट लोकेशन पर भयानक भूस्खलन ने तबाही मचा दी है. कुदरत के इस कहर ने कई जानें ले ली हैं. इसके अलावा पाताल का ऐसा दरवाजा खोल दिया है, जिसे देखकर बचाव दल के हाथ पांव फूल गए हैं. आपदा प्रबंधन एजेंसी ने शनिवार को बताया कि मध्य जावा में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन में 11 लोगों की मौत हो गई है. बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटा है. लापता लोगों की संख्या 12 बताई जा रही है.
25 फीट गहराई में दबे लोग
एजेंसी ने पहले बताया था कि गुरुवार को सिलाकैप शहर में हुए भूस्खलन में सिबेयुनयिंग गांव के एक दर्जन घर दब गए थे. बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण था क्योंकि लोग 3 से 8 मीटर (10-25 फीट) गहराई में दबे हुए थे. एजेंसी के प्रवक्ता अब्दुल मुहरी ने रॉयटर्स को बताया, ‘ग्यारह लोग मृत पाए गए हैं, जिनमें से तीन शुक्रवार को और आठ शनिवार को मृत पाए गए. बारह लोग अभी भी लापता हैं’.
राहत-बचाव के क्या इंतजाम?
राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण एजेंसी (बीएनपीबी) के आपातकालीन प्रतिक्रिया उप-प्रमुख बुदी इरावन को शनिवार को राष्ट्रपति का संदेश मिला. उस संदेश के हवाले से इंडोनेशिया की अंतारा न्यूज एजेंसी ने बताया, ‘इस घटना को लेकर उन्होंने (राष्ट्रपति) अपनी संवेदना व्यक्त की. उन्होंने बीएनपीबी को घटनास्थल पर कर्मियों को तैनात करने और आपातकालीन प्रतिक्रिया अवधि समाप्त होने तक माजेनंग में भूस्खलन प्रतिक्रिया कार्य पूरा करने में सहायता करने का निर्देश दिया’.
शुक्रवार को सिलाकैप जिला सरकार के साथ एक समन्वय बैठक में, उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय खोज एवं बचाव एजेंसी (बसारनास), राष्ट्रीय सशस्त्र बल (टीएनआई), और स्वयंसेवी संगठनों के कर्मियों सहित 512 संयुक्त कर्मियों को तैनात किया गया है. बीएनपीबी ने तैनात भारी उपकरणों की संख्या बढ़ाकर आठ कर दी है और भूस्खलन पीड़ितों की तलाश में तेजी लाने के लिए खोजी कुत्तों (के-9) को भी तैनात किया है.
उन्होंने कहा कि ‘पीड़ितों की बुनियादी जरूरतें सार्वजनिक रसोई और स्वास्थ्य चौकियों के माध्यम से पूरी की जा रही हैं’. बता दें कि जनवरी में मध्य जावा के पेकलोंगन शहर में मूसलाधार बारिश के कारण हुए एक और भूस्खलन में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई थी.
.