KYC for Instagram: अगर आप इंस्टाग्राम चलाना चाहते हैं तो जल्द ही इसके लिए आपको KYC की जरूरत पड़ सकती है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक संसदीय समिति ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर आईडी वेरिफिकेशन के लिए कड़े नियमों की मांग की है. समिति का कहना है कि सोशल मीडिया, डेटिंग और गेमिंग ऐप्स के लिए KYC-बेस्ड यूजर ऑथेंटिकेशन होना चाहिए. सोशल मीडिया और डेटिंग प्लेटफॉर्म्स पर महिलाओं और माइनर यूजर की ऑनलाइन सेफ्टी के लिए इन नियमों को लाने की बात कही जा रही है.
सरकार को दिए गए हैं सुझाव
बताया जा रहा है कि संसदीय समिति ने गृह मंत्रालय और IT मंत्रालय को अपने सुझाव भेजे हैं. इनमें कहा गया है कि सोशल मीडिया, गेमिंग और डेटिंग ऐप्स के लिए यूजर वेरिफिकेशन अनिवार्य होना चाहिए. इससे फेक प्रोफाइल, किसी दूसरी की नकल कर बनाए गए प्रोफाइल और अज्ञात लोगों के प्रोफाइल से होने वाली हैरेसमेंट को कम करने में मदद मिलेगी. समिति ने सुझाव दिया है कि रेगुलर बेसिस पर यूजर्स की वेरिफिकेशन होनी चाहिए और जिन यूजर्स को अब्यूजिव बिहेवियर के लिए रिपोर्ट किया गया है, उन पर हाई-रिस्क फ्लैग भी लगाना जाना चाहिए.
डेटिंग और गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए समिति ने लाइसेंस के लिए कड़ी गाइडलाइन बनाने और एज वेरिफिकेशन मैकेनिज्म को लागू करने का सुझाव दिया है. समिति का मानना है कि इससे अनुचित कंटेट तक लोगों की एक्सेस सीमित होगी और मिसयूज से भी बचा जा सकेगा.
साइबर क्राइम की बढ़ती घटनाओं के बीच आए सुझाव
संसदीय समिति की तरफ से ये सुझाव ऐसे समय में आए हैं, जब साइबर क्राइम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ट्रोलिंग, स्टॉकिंग और अब एआई आने के बाद डीपफेक वीडियो शेयर करने की जैसी घटनाओं में कई गुना इजाफा देखा जा रहा है. इसे देखते हुए ससंदीय समिति का मानना है कि कंटेट को ट्रेस करने की तरीकों से इन घटनाओं पर लगाम लग सकती है. साथ ही पैनल ने ग्रीवेंस सिस्टम को मजबूत और फास्ट बनाने की जरूरत बताई है ताकि ऑनलाइन हैरेसमेंट की शिकायतों को असरदार तरीके से हैंडल किया जा सके.
ये भी पढ़ें-
बदलने वाला है ऑनलाइन पेमेंट का तरीका, सिर्फ OTP से नहीं बनेगी बात
.