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कभी महेश्वर की गलियों में रुद्राक्ष और मोतियों की मालाएं बेचने वाली मोनालिसा भोसले आज बड़े पर्दे तक पहुंच चुकी है. मोनालिसा की जिंदगी उस फिल्मी कहानी जैसी है, जिसपर यकीन करना मुश्किल लगता है लेकिन सोशल मीडिया ने उसकी पहचान बदली, किस्मत ने दरवाजा खोला और मेहनत ने उसे हीरोइन बना दिया. अब मोनालिसा देश की एक फेमस पर्सनालिटी बन चुकी है.
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की धार्मिक और पर्यटन नगरी महेश्वर में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाली मोनालिसा भोसले कभी परिवार के साथ गलियों और नर्मदा घाट पर मालाएं बेचा करती थी. दिनभर की मेहनत, सीमित साधन और संघर्ष भरी जिंदगी के बीच उनके सपने भी बेहद छोटे थे लेकिन किस्मत ने उन्हें ऐसा मंच दिया कि अब वह न सिर्फ जिले की बल्कि देश की फेमस पर्सनालिटी बन चुकी है.

बीते साल प्रयागराज महाकुंभ के दौरान मोनालिसा अपने परिवार के साथ रुद्राक्ष और मोतियों की मालाएं बेचने पहुंची थी. वहीं उनकी मासूम मुस्कान और खूबसूरत आंखों ने सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींचा. कुछ ही दिनों में उसके वीडियो वायरल हो गए और देखते ही देखते मोनालिसा इंटरनेट सेंसेशन बन गई.

सोशल मीडिया पर मिली पहचान ने मोनालिसा की जिंदगी की दिशा बदल दी. वायरल होने के बाद उसे म्यूजिक इंडस्ट्री और फिल्मों से ऑफर मिलने लगे. जो लड़की कभी नर्मदा किनारे ग्राहकों को आवाज देकर मालाएं बेचती थी, वही अब कैमरे के सामने अभिनय करती नजर आने लगी.
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फिल्मों में कदम रखने से पहले मोनालिसा के दो एलबम रिलीज हो चुके हैं. हाल ही में उसका नया गाना ‘दिल जानिया’ वीनस म्यूजिक के बैनर तले रिलीज हुआ है, जिसमें वह समर्थ मेहता के साथ नजर आई. इससे पहले ‘सादगी’ नाम का गाना भी दर्शकों को खूब पसंद आया था.

अब मोनालिसा सीधे बड़े पर्दे पर एंट्री करने जा रही हैं. मुंबई के फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा की अपकमिंग फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ में वह बतौर हीरोइन नजर आएगी. इस फिल्म की शूटिंग चल रही है. इसी साल 2026 में रिलीज होने की संभावना भी है.

फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ में मोनालिसा दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर की बेटी का किरदार निभा रही है. फिल्म में अनुपम खेर सहित कई बड़े कलाकार नजर आएंगे. इतनी कम उम्र में इतने बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना मोनालिसा के लिए किसी सपने से कम नहीं है.

17 वर्षीय मोनालिसा भोसले बंजारा समुदाय से ताल्लुक रखती है. उसके पिता का नाम जयसिंह भोसले है और परिवार में दो भाई और एक बहन है. रुद्राक्ष और मोतियों की मालाएं बेचना उनका पारंपरिक व्यवसाय रहा है. परिवार वर्षों से महेश्वर में रहकर महाकाल की नगरी उज्जैन, महेश्वर किला घाट और कुंभ मेलों में घूम-घूमकर मालाएं बेचने का ही काम करता है.

मोनालिसा खुद कभी स्कूल नहीं जा सकी लेकिन अब उसके सपने सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं हैं. वह चाहती है कि उनके समुदाय के बच्चों को शिक्षा मिले और वे आगे बढ़ें. मोनालिसा एक स्कूल खोलने का सपना भी देख रही है ताकि नर्मदा किनारे पली-बढ़ी कई और बेटियां भी अपनी किस्मत बदल सकें.
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