Last Updated:
Kolaras Kumdapak Sweet: शिवपुरी से 35 किलोमीटर दूर कोलारस कस्बे में ये मिठाई बनती है. जब भी सिंधिया परिवार शिवपुरी या कोलारस के दौरे पर होता है तो ये मिठाई खासतौर पर उनके लिए जाती है. कोलारस से कई बार मिठाई ग्वालियर भी मंगाई जाती है. जानें इसकी खासियत…
Shivpuri News: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले का सिंधिया परिवार से पुराना नाता रहा है. शिवपुरी और गुना में सिंधिया परिवार का आना-जाना लगा रहता है. इसी दौरान शिवपुरी की एक स्थानीय मिठाई ने सिंधिया परिवार का दिल जीत लिया, जिसकी चर्चा अब दूर-दूर तक होने लगी है. यह खास मिठाई है कूमड़ापाक, जो कोलारस कस्बे की पहचान बन चुकी है. बताया जाता कि जब सिंधिया परिवार कोलारस पहुंचा, तो यहां की पारंपरिक कूमड़ापाक मिठाई उन्हें बेहद पसंद आई. धीरे-धीरे यह मिठाई उनकी पहली पसंद बन गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार के सदस्य जब भी इस क्षेत्र में आते हैं, तो कूमड़ापाक का स्वाद जरूर लेते हैं.
गर्मियों में कूलर जैसी ठंडक देगी…
कूमड़ापाक मिठाई गर्मियों में किसी शरीर को ठंड करने का काम भी करती है. इसे खास पारंपरिक विधि से तैयार किया जाता है. स्थानीय सामग्री और देसी अंदाज में बनने वाली यह मिठाई स्वाद के साथ-साथ शरीर को ठंडक भी पहुंचाती है. कहा जाता है कि गर्मी के दिनों में इसका सेवन शरीर को राहत देता है. यही वजह है कि आसपास के लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं.
विनोद रजाले का कमाल
दरअसल, शिवपुरी जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित कोलारस कस्बे में एक प्रसिद्ध मिठाई की दुकान पर यह खास कूमड़ापाक तैयार की जाती है. यहां के प्रसिद्ध मिठाई व्यवसायी विनोद रजाले अपने खास अंदाज में यह मिठाई बनाते हैं. उनका दावा है कि जिस तरीके और स्वाद में उनके यहां कूमड़ापाक तैयार होती है, वैसी कहीं और देखने को नहीं मिलती.
सिंधिया परिवार की पसंदीदा मिठाई
विनोद के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी पत्नी प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया भी कई बार कोलारस आकर कूमड़ापाक मिठाई का स्वाद ले चुकी हैं. बताया जाता है कि जब भी सिंधिया परिवार इस क्षेत्र के दौरे पर आता है, तो विशेष रूप से यह मिठाई मंगाई जाती है. परिवार को इसका पारंपरिक स्वाद और बनाने का अनोखा तरीका बेहद पसंद है. यही कारण है कि कूमड़ापाक आज उनकी पसंदीदा मिठाइयों में शामिल हो चुकी है.
मिठाई बनाने का अनोखा तरीका
कूमड़ापाक मिठाई अपने खास स्वाद और बनाने के अनोखे तरीके के लिए जानी जाती है. इसे तैयार करने के लिए मुख्य रूप से मावा, पेठा और शक्कर का उपयोग किया जाता है. सबसे पहले कढ़ाई में शक्कर की चाशनी तैयार की जाती है, जिसे एक खास अनुपात में पकाया जाता है, ताकि मिठास संतुलित रहे. इसके बाद बारीक कटे पेठे को चाशनी में डाला जाता है. धीमी आंच पर अच्छी तरह पकाया जाता है. जब पेठा चाशनी को अच्छी तरह सोख लेता है, तब उसमें ताजा मावा मिलाया जाता है. लगातार चलाते हुए मिश्रण को गाढ़ा किया जाता है, फिर उसे थाल में जमने के लिए फैलाया जाता है.
About the Author
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
.