Last Updated:
स्वादिष्ट व्यंजन बनाने के लिए पनीर का इस्तेमाल बढ़ जाता है, लेकिन साथ ही नकली पनीर की बिक्री भी काफी बढ़ जाती है. मिलावटखोर अक्सर सस्ते सिंथेटिक पनीर में डिटर्जेंट, यूरिया और अन्य हानिकारक रसायन मिलाते हैं, जो खाने वाले की सेहत के लिए धीमा जहर साबित हो सकते हैं. इससे पाचन, किडनी, लिवर और त्वचा सहित कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं.
पनीर की शुद्धता जांचने का सबसे आसान तरीका है इसे हाथ से मसलना. असली पनीर मसलते ही टूटकर दानेदार हो जाता है, क्योंकि यह दूध के प्रोटीन से बना होता है. वहीं, नकली पनीर रबड़ जैसा खिंचता है और आसानी से टूटता नहीं है. अगर पनीर बहुत लचीला या असामान्य रूप से सख्त लगे, तो यह मिलावटी होने की संभावना जताता है.

नकली पनीर में अक्सर वजन बढ़ाने के लिए स्टार्च मिलाया जाता है. इसे जांचने का तरीका सरल है. पनीर को उबालकर ठंडा करें और उस पर आयोडीन टिंचर की 2-3 बूंदें डालें. अगर पनीर का रंग नीला पड़ जाए, तो इसमें स्टार्च मिलाया गया है. शुद्ध पनीर पर इस घोल का कोई असर नहीं होगा.

पनीर के एक टुकड़े को पानी में डालकर उबालें. यदि उबालने पर पनीर सख्त होकर सिकुड़ने लगे या अजीब केमिकल जैसी गंध आने लगे, तो यह नकली हो सकता है. असली पनीर उबालने के बाद भी नरम रहता है और उसमें हल्की दूध जैसी खुशबू आती है. स्वाद में यह मीठा और मलाईदार होता है, जबकि नकली पनीर बेस्वाद होता है.
Add News18 as
Preferred Source on Google

मिलावटी पनीर में अक्सर डिटर्जेंट, यूरिया और हानिकारक वसा मिलाई जाती है, जो सीधे हमारे पाचन तंत्र पर असर डालती हैं. इसके सेवन से उल्टी, दस्त, पेट दर्द और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं. लंबे समय तक मिलावटी पनीर खाने से आंत की अंदरूनी परत भी नुकसान पहुंच सकती है, जिससे गंभीर पाचन विकार पैदा हो सकते हैं.

मिलावटी पनीर में मौजूद कास्टिक सोडा और सिंथेटिक केमिकल सीधे किडनी और लिवर को नुकसान पहुंचाते हैं. ये अंग शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालने का काम करते हैं, लेकिन इन जहरीले तत्वों के कारण उन पर अत्यधिक दबाव पड़ता है. नतीजतन, लिवर फंक्शन खराब हो सकता है और किडनी फेलियर का खतरा भी बढ़ जाता है.

सिंथेटिक पनीर में मिलाए गए सस्ते तेल और रसायन सीधे त्वचा पर असर डालते हैं. इसके कारण एलर्जी, चकत्ते और खुजली जैसी समस्याएं हो सकती हैं. बच्चों को यह पनीर खिलाने से उनकी सेहत और विकास पर भी गंभीर असर पड़ सकता है. इसलिए पनीर हमेशा विश्वसनीय स्रोत से और गुणवत्ता जांच कर ही खरीदें.
.