गेहूं की कटाई, स्टोरेज से लेकर बाजार में बेचने तक, जानिए ज्यादा मुनाफा कमाने का सीक्रेट

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Wheat Harvesting and Storage Tips: गेहूं की सुनहरी बालियां खेतों में पककर तैयार हैं और किसानों की महीनों की मेहनत अब अनाज के रूप में घर आने वाली है, लेकिन असली परीक्षा फसल की कटाई और उसके सुरक्षित भंडारण के दौरान होती है. शाहजहांपुर के कृषि एक्सपर्ट डॉ. हादी हुसैन खान के अनुसार, अक्सर जानकारी के अभाव में किसान कटाई के तुरंत बाद अनाज बेचने की जल्दबाजी करते हैं, जिससे उन्हें वाजिब दाम नहीं मिल पाते. जानिए जिन तरीकों को अपनाकर आप अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.

शाहजहांपुर: देश के कई हिस्सों में रबी की मुख्य फसल गेहूं अब पूरी तरह पककर तैयार हो गई है. खेतों में सुनहरी बालियां लहरा रही हैं और किसान कटाई और स्टोरेज की तैयारियों में लगे हैं. हालांकि, फसल की अच्छी पैदावार लेना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं ज्यादा जरूरी है उसका सही तरीके से प्रबंधन और सुरक्षित भंडारण करना. कई बार जानकारी के अभाव में किसान कटाई के बाद होने वाले नुकसान का शिकार हो जाते हैं.

कृषि एक्सपर्ट डॉ. हादी हुसैन खान ने बताया कि गेहूं की कटाई तब करें जब बालियां पूरी तरह पक जाएं. फसल अवशेष यानी पराली को जलाएं नहीं, बल्कि उसका उचित प्रबंधन करें. भंडारण के समय अनाज में नमी 8 से 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए. जिस जगह अनाज रखा जाए, वह पूरी तरह साफ और कीट-मुक्त होना चाहिए. अगर किसान अपनी फसल को तुरंत न बेचकर कुछ महीनों के लिए सुरक्षित भंडारित करें, तो उन्हें ऑफ-सीजन में बेहतर दाम मिल सकते हैं, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी होगी और आमदनी बढ़ेगी.

गेहूं की कटाई और अवशेष प्रबंधन
गेहूं की कटाई करते समय किसानों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. जब गेहूं की बालियां पूरी तरह सुनहरी और सख्त हो जाएं, तभी कटाई शुरू करें. कटाई हार्वेस्टर से कर सकते हैं. कटाई के बाद बचने वाले फसल अवशेष यानि नरई को जलाना नहीं चाहिए, क्योंकि यह मिट्टी की उर्वरता को नुकसान होता है. नरई का सही प्रबंधन करके किसान इसे चारे या खाद के रूप में उपयोग कर सकते हैं.

अनाज को स्टोर करने का तरीक़ा 
फसल की कटाई और थ्रेसिंग के बाद सबसे बड़ी चुनौती अनाज को स्टोरेज करने की होती है. अनाज को घर में स्टोर करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि उसमें नमी की मात्रा 8% से 10% के बीच ही हो. अधिक नमी होने पर अनाज में घुन या फफूंद लगने का डर रहता है. भंडारण का स्थान पूरी तरह साफ, सूखा और कीटाणुमुक्त होना चाहिए. पुराने बर्तनों या कोठियों को नीम के पत्तों या अन्य जैविक तरीकों से उपचारित करना स्टोरेज के लिए बेहद जरूरी है.

जानें कब बेचे अपनी फसल
अक्सर किसान फसल कटते ही उसे बाजार में बेच देते हैं, जिससे उन्हें सही मूल्य नहीं मिल पाता है. उदाहरण के तौर पर, आलू की खुदाई के तुरंत बाद बेचने पर दाम कम मिलते हैं, लेकिन कोल्ड स्टोरेज में रखने पर बाद में अधिक मुनाफा होता है. यही नियम गेहूं पर भी लागू होता है. अगर किसान वैज्ञानिक तरीके से अनाज का स्टोर करें और उसे ऑफ-सीजन में बाजार में बेचने ले जाएं, तो उन्हें उनकी मेहनत का बेहतर दाम मिलेगा.

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Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें

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