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Health Tips: सीताफल बाजार में लोकप्रिय फल माना जाता है. इसमें विटामिन C, A, पोटैशियम, मैग्नीशियम और फाइबर हैं. हजारीबाग के डॉ. मकरंद मिश्रा के अनुसार यह लाभकारी है, पर डायबिटीज मरीजों को सावधानी जरूरी है.
मानसून के अंत के साथ ही बाजारों में सीताफल की रौनक बढ़ गई है. स्थानीय भाषा में शरीफा कहा जाता है. इस फल का स्वाद बेहद मीठा होता है. यही वजह है कि लोग इसे बड़े चाव से खरीदते और खाते हैं.

सीताफल केवल स्वाद में ही खास नहीं है, बल्कि इसके अंदर कई प्रकार के आयुर्वेदिक गुण भी पाए जाते हैं. यही कारण है कि आयुर्वेद में इसे कई बीमारियों के उपचार में उपयोगी माना गया है.

इस विषय पर हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल हजारीबाग के आयुष विभाग में कार्यरत आयुर्वेदाचार्य डॉ. मकरंद मिश्रा (BAMS, राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज बेगूसराय, बिहार अनुभव 25 वर्ष) बताते हैं कि सीताफल जितना स्वादिष्ट है उतने ही इसके फायदे और कुछ नुकसान भी हैं. इसी वजह से कुछ लोग इसे जमकर खाते हैं तो कुछ लोग इससे दूरी बनाए रखते हैं.

उन्होंने आगे बताया कि सीताफल एक मौसमी फल है जो साल में महज तीन से चार महीने ही बाजार में उपलब्ध होता है. इसमें विटामिन C, विटामिन A, पोटैशियम, मैग्नीशियम, तांबा और फाइबर जैसे पोषक तत्व भरपूर पाए जाते हैं.

उन्होंने आगे बताया कि इसका सेवन करने से पेट से जुड़े रोगों में राहत मिलती है. आंखों की रोशनी बढ़ाने और आंखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी यह कारगर है. इसमें मौजूद प्राकृतिक हीलिंग प्रॉपर्टीज दर्द और मांसपेशियों के खिंचाव को कम करने में मदद करती हैं.

वह आगे बताते हैं कि गठिया से पीड़ित मरीजों के लिए भी सीताफल लाभकारी है. इसमें मौजूद पोटैशियम शरीर की थकान और कमजोरी को दूर करता है. साथ ही हृदय को स्वस्थ बनाए रखने के लिए भी इसका सेवन करना चाहिए.

हालांकि उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि शरीफा का स्वाद जितना मीठा है उतना ही यह डायबिटीज के मरीजों के लिए हानिकारक हो सकता है. इसलिए मधुमेह रोगियों को इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए.

इसके अलावा इसकी तासीर ठंडी होती है. ऐसे में जिन्हें सर्दी, खांसी या जुकाम की समस्या है, उन्हें सीताफल का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए. वरना फायदा होने के बजाय नुकसान झेलना पड़ सकता है.