Kitchen Tips: सालों तक नहीं घिसेगा सिलबट्टा! बस एक बार करवाएं ये काम, मिनटों में पिसेगी टेस्टी चटनी

Last Updated:

Stone Grinder Benefits: सिलबट्टे पर पिसी हरी चटनी का स्वाद अलग ही होता है, लेकिन अगर चटनी पीसने में ज्यादा मेहनत लग रही है तो इसका कारण छिनाई का खराब होना हो सकता है. सही समय पर छिनाई कराने से न सिर्फ मेहनत कम होती है बल्कि स्वाद भी पहले से बेहतर हो जाता है.

सुल्तानपुर: भारतीय रसोई में कुछ स्वाद ऐसे होते हैं, जो समय के साथ भी अपनी अहमियत नहीं खोते. इन्हीं में से एक है सिलबट्टे पर पिसी हरी चटनी. जैसे ही गर्मा गरम पकौड़े या पकौड़ी के साथ हरी चटनी मिलती है, स्वाद अपने आप दोगुना हो जाता है. आज भी बहुत से लोग इलेक्ट्रिक मिक्सर छोड़कर सिलबट्टे पर चटनी पीसना पसंद करते हैं, क्योंकि इसमें पिसी चटनी का स्वाद ज्यादा प्राकृतिक और लाजवाब होता है.
हालांकि, समय के साथ सिलबट्टा घिस जाता है और चटनी पीसने में काफी मेहनत लगने लगती है. ऐसे में सिलबट्टे की छिनाई कराना बेहद जरूरी हो जाता है. अगर सही तरीके और सही समय पर छिनाई करवा ली जाए, तो कई साल तक चटनी पीसने में कोई दिक्कत नहीं आती. आइए जानते हैं सिलबट्टे की छिनाई कब करानी चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

क्यों जरूरी है सिलबट्टे की छिनाई?
पत्थर की छिनाई का काम करने वाले अल्लूराम लोकल 18 से बातचीत में बताते हैं कि आज भी लोग सिलबट्टे पर चटनी इसलिए पीसते हैं, क्योंकि मिक्सर में बनी चटनी में वह स्वाद नहीं आ पाता जो सिलबट्टे की चटनी में होता है. लेकिन जब सिलबट्टा ज्यादा घिस जाता है और उसकी सतह एकदम चिकनी हो जाती है, तो चटनी पीसना मुश्किल हो जाता है.
ऐसे में यह जरूरी है कि सिलबट्टे पर छिनाई के निशान बने रहें. अगर सिलबट्टा पूरी तरह प्लेन हो गया है, तो समझ लें कि अब उसकी छिनाई करवाने का समय आ गया है.

कितने समय में करानी चाहिए छिनाई
अल्लूराम बताते हैं कि सिलबट्टे की छिनाई इस बात पर निर्भर करती है कि उसका इस्तेमाल कितनी बार किया जा रहा है. सामान्य तौर पर हर दूसरे साल सिलबट्टे की छिनाई करवा लेनी चाहिए. इससे सिलबट्टा ज्यादा समय तक सही रहता है और चटनी पीसने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती.
इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि सिलबट्टे की छिनाई खुद से न करें. हमेशा किसी अनुभवी पत्थर की नक्काशी या छिनाई करने वाले व्यक्ति से ही यह काम करवाएं. खुद से छिनाई करने पर सिलबट्टा टूट सकता है या पूरी तरह खराब हो सकता है.
यह भी पढ़ें: गाजर-मूंग दाल छोड़िए! सर्दियों में घर पर बनाएं चुकंदर का ये शाही हलवा, एक बार चख लिया स्वाद तो बार-बार बनाएंगे

छिनाई के बाद क्या मिलता है फायदा?
छिनाई होने के बाद सिलबट्टे की सतह पर छोटे-छोटे गड्ढेनुमा निशान बन जाते हैं. जब इन गड्ढों में टमाटर, धनिया, हरी मिर्च या अदरक डालकर चटनी पीसी जाती है, तो सामग्री सिल और बट्टे के बीच अच्छी तरह आ जाती है और आसानी से पिस जाती है. इससे चटनी का स्वाद ज्यादा गाढ़ा और बेहतर हो जाता है.

छिनाई के बाद जरूर करें यह काम
छिनाई के तुरंत बाद सिलबट्टे से पत्थर के छोटे-छोटे कण निकलते रहते हैं. अगर इन्हें साफ नहीं किया गया, तो चटनी में किरकिरापन आ सकता है. इसके लिए धान की भूसी से सिल और बट्टे को अच्छी तरह रगड़कर साफ करें. इसके बाद साफ पानी से धो लें. ऐसा करने से सिलबट्टा पूरी तरह साफ हो जाएगा और चटनी का स्वाद खराब नहीं होगा.

About the Author

Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें

homelifestyle

सालों तक नहीं घिसेगा सिलबट्टा! बस एक बार करवाएं ये काम, मिनटों में पिसेगी चटनी

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *