Kitchen Gardening Tips and Tricks: गर्मी शुरू होते ही सब्जियों के दाम ऐसे बढ़ते हैं कि आम आदमी की जेब ढीली हो जाती है. ऊपर से बाजार की सब्जियों में केमिकल का डर अलग. ऐसे में शिवपुरी के गांवों में लोगों ने एक शानदार तरीका निकाल लिया है अपने घर के पास छोटा सा किचन गार्डन बनाना. इस छोटे से गार्डन में ही 10 से 15 तरह की ताजी और बिना केमिकल वाली सब्जियां आसानी से उगाई जा रही हैं.
घर के पास ही तैयार हो रहा ‘मिनी सब्जी बाजार’
पिपरो गांव के चरण सिंह प्रजापति बताते हैं कि वे हर साल गर्मी आते ही अपने खेत के एक हिस्से में सब्जियां लगाना शुरू कर देते हैं. इतनी सब्जियां उग जाती हैं कि पूरे परिवार को बाजार से खरीदने की जरूरत ही नहीं पड़ती. यानि घर के पास ही एक छोटा सा सब्जी बाजार तैयार हो जाता है.
एक साथ उग रहीं 10-15 सब्जियां
इस किचन गार्डन की खास बात ये है कि यहां एक साथ कई तरह की सब्जियां उगाई जाती हैं. जैसे बैंगन, टमाटर, भिंडी, पालक, लौकी, कद्दू, मेथी, धनिया और बूट भिंडी. इससे रोजाना ताजी सब्जी मिलती रहती है और खाने में भी वैरायटी बनी रहती है.
बिना केमिकल, पूरी तरह देसी तरीका
यहां उगाई जाने वाली सब्जियों में किसी भी तरह की केमिकल खाद या दवा का इस्तेमाल नहीं होता. गोबर की खाद और घर में बने जैविक घोल से ही पौधों की देखभाल की जाती है. इसी वजह से ये सब्जियां स्वाद में भी बढ़िया होती हैं और सेहत के लिए पूरी तरह सुरक्षित रहती हैं.
खर्चा आधा, फायदा डबल
गर्मी में सब्जियों के दाम जब आसमान छूते हैं, तब किचन गार्डन वाले लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ता. उनका खर्चा बच जाता है और उन्हें रोज ताजी सब्जियां मिलती हैं.
यानी एक तरफ पैसे की बचत, दूसरी तरफ सेहत का फायदा.
गांव-गांव में बढ़ रहा ट्रेंड
अब गांव के कई परिवार इस तरीके को अपनाने लगे हैं. घर के आंगन, खाली जमीन या खेत के किनारे लोग सब्जियां उगा रहे हैं. बस सुबह-शाम पानी देना और थोड़ी देखभाल करना होता है, और कुछ ही दिनों में हरी-भरी सब्जियां तैयार.
सेहत और आत्मनिर्भरता की ओर कदम
इस किचन गार्डन से दो बड़े फायदे हो रहे हैं पहला खर्च कम हो रहा है और दूसरा परिवार को शुद्ध और ताजी सब्जियां मिल रही हैं. बच्चों और बुजुर्गों के लिए ये और भी फायदेमंद है. अब लोग समझने लगे हैं कि थोड़ी सी मेहनत से वे अपनी जरूरत की सब्जियां खुद उगा सकते हैं.
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