Last Updated:
Ayurvedic Remedy : आज की व्यस्त जिंदगी और गलत खानपान से किडनी स्टोन की समस्या तेजी से बढ़ रही है. तेज दर्द से जूझ रहे मरीजों के लिए आयुर्वेद ने एक सरल और प्राकृतिक उपाय बताया है – जामुन की गुठली का चूर्ण. यह न केवल पथरी को गलाने में मदद करता है, बल्कि किडनी को साफ रखकर दोबारा पथरी बनने से भी रोकता है.
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित खानपान की वजह से किडनी स्टोन यानी पथरी की समस्या आम होती जा रही है. हर तीसरा व्यक्ति इस तकलीफ से जूझ रहा है. दर्द ऐसा कि सहन करना मुश्किल हो जाए, लेकिन राहत की बात यह है कि आयुर्वेद में इसका एक बेहद सरल और असरदार इलाज मौजूद है – जामुन की गुठली का चूर्ण.

आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार जामुन की गुठली में पथरी को गलाने वाले प्राकृतिक तत्व मौजूद होते हैं. इसमें पाये जाने वाले जैम्बोसीन और एलोजेनिन जैसे तत्व शरीर में मेटाबोलिज्म को बेहतर बनाते हैं और पथरी को धीरे-धीरे घोलने का काम करते हैं. खास बात यह है कि इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता और यह तरीका पूर्णतः प्राकृतिक है.

कैसे करें सेवन? इस उपचार के लिए सबसे पहले जामुन की गुठलियों को छांव में सुखा लें. जब यह पूरी तरह सूख जाएं तो इन्हें मिक्सी या सिलबट्टे की मदद से बारीक पीसकर पाउडर बना लें. रोजाना सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी में लगभग आधा चम्मच पाउडर मिलाकर सेवन करें. यह नुस्खा लगातार 15 से 30 दिनों तक अपनाएं.

क्या हैं इसके फायदे?<br />पथरी को प्राकृतिक रूप से तोड़ने में मदद,यूरिन के रास्ते पथरी के अंशों का बाहर निकलना, बार-बार होने वाली पथरी की समस्या से छुटकारा, किडनी की सफाई और संपूर्ण मूत्राशय तंत्र का स्वास्थ्य बेहतर बनाना

क्या बरतें सावधानी?<br />हालांकि यह एक कारगर और सस्ता उपाय है, लेकिन किसी भी तरह के घरेलू उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है, खासतौर पर तब जब स्टोन बड़ा हो या दर्द असहनीय हो रहा हो.

स्वस्थ जीवनशैली भी है जरूरी :<br />इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, तली-भुनी चीजों से परहेज और नियमित व्यायाम भी बेहद जरूरी है. पथरी एक बार निकलने के बाद भी दोबारा हो सकती है, इसलिए खानपान में सावधानी बरतना जरूरी है.

अगर आप या आपके जानने वाले पथरी से परेशान हैं, तो यह आयुर्वेदिक उपाय न केवल राहत पहुंचा सकता है, बल्कि आपको ऑपरेशन जैसी कठिन प्रक्रिया से भी बचा सकता है. आयुर्वेद के इस अनमोल खजाने को पहचानिए और आगे बढ़ाइए, क्योंकि हर समस्या का इलाज दवाओं में नहीं, प्रकृति में भी छुपा होता है.