भेड़ चोरी के मामले में न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 2-2 साल के सश्रम कारावास और 1000-1000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। इस मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालय, खंडवा की न्यायाधीश वैशाली चौरसिया ने फैसला दिया है। आरोपी शहजाद उर्फ सज्जाद पिता जब्बार कुरैशी (39), मोईन पिता वकील कुरैशी (26) व उमेश पिता कैलाश कोचले (38), सभी निवासी ग्राम शिवना थाना झिरन्या, को दोषी पाया। अभियोजन की ओर से पैरवी एडीपीओ भूरालाल बास्कले ने की। अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ हरिप्रसाद बांके के अनुसार, फरियादी कालू धनगर व अन्य चरवाहे 9 अक्टूबर 2021 को अपनी भेड़ें चराते हुए उमरदा और दिवाल के बीच एक खाली खेत में रुके थे। कुल 481 भेड़ों को बाउंड्री बनाकर खेत में बैठाया गया था। रात करीब 9 बजे भोजन कर सभी सो गए। सुबह करीब 6 बजे उठने पर देखा कि कुल 45 भेड़ें चोरी हो चुकी थीं। इनमें 2 नर और 43 मादा भेड़ें शामिल थीं, जिनकी कुल कीमत करीब 60 हजार रुपए आंकी गई थी। फरियादी और अन्य साथियों ने भेड़ों की तलाश की, लेकिन पता नहीं चलने पर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस जांच के दौरान आरोपियों से पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 23 भेड़ों को काटकर बेच दिया और रकम आपस में बांट ली। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 22 भेड़ें बरामद कर लीं। अनुसंधान पूर्ण होने के बाद पुलिस ने कोर्ट में चालान प्रस्तुत किया। सुनवाई के उपरांत न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषसिद्ध पाते हुए सजा सुनाई। .