राष्ट्रपति पुरस्कार पर फैली अफवाहों को खंडवा प्रशासन ने किया बेनकाब, अवॉर्ड पर उठे सवालों का दिया जवाब

Last Updated:

Khandwa News: खंडवा जिले को मिले जल संरक्षण राष्ट्रपति पुरस्कार को लेकर उठे सवालों पर जिला प्रशासन ने स्थिति साफ कर दी है. प्रशासन ने बताया कि जल संचय जन भागीदारी (JSJB) कार्यक्रम के तहत 1.25 लाख से अधिक सत्यापित जल संरक्षण कार्यों के आधार पर यह सम्मान मिला है. AI से बनी तस्वीरें एक अलग कैच द रेन पोर्टल पर अपलोड की गई थीं, जिनका पुरस्कार मूल्यांकन से कोई संबंध नहीं है.

R_MP_PANNC1918_NATIONAL AWARD PAR UTHE SAWAL KO BATAYA FAKE_AMIT_JAISWAL_29_12_2025

अमित जायसवाल/खंडवा. जिले को मिले जल संरक्षण अवॉर्ड को लेकर विगत दिनों से लगातार सवाल उठ रहे हैं. सोशल मीडिया पर अवॉर्ड से जुड़े दावों को लेकर तरह-तरह की पोस्ट वायरल हो रही हैं. सवाल उठाए गए कि झूठ के सहारे राष्ट्रपति के हाथों अवॉर्ड लिया गया है. अब पूरे मामले में जिला प्रशासन ने अपना पक्ष रख है. उन्होंने स्थिति स्पष्ट की है और फेक न्यूज़ फैलाने का आरोप लगाया है.

खंडवा जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले को जल संचय जन भागीदारी (JSJB) कार्यक्रम के तहत देश में सर्वाधिक जल संरक्षण कार्यों के निर्माण के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. प्रशासन के मुताबिक, जल संचय जन भागीदारी कार्यक्रम के लिए एक अलग और समर्पित पोर्टल उपलब्ध था, जिस पर ब्लॉक स्तर और जिला स्तर पर गहन जांच के बाद केवल सत्यापित तस्वीरें ही अपलोड की गई थीं.

कैच द रेन नामक एक अलग पोर्टल
प्रशासन ने बताया कि JSJB के अंतर्गत खंडवा जिले में 1 लाख 25 हजार से अधिक जल संरक्षण कार्य किए गए, जिसके आधार पर यह सम्मान प्रदान किया गया. जिला प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि कैच द रेन नामक एक अलग पोर्टल है, जिस पर जल संरक्षण से संबंधित आईईसी यानी शैक्षणिक और प्रेरणात्मक तस्वीरें अपलोड की जाती हैं. प्रशासन के संज्ञान में आया है कि CTR पोर्टल पर लगभग 20 एआई द्वारा निर्मित तस्वीरें अपलोड की गई थीं.

क्या बोले अधिकारी?
खंडवा जिला पंचायत सीईओ डॉ. नागार्जुन बी गौड़ा का कहना है कि इन एआई जनित तस्वीरों को अपलोड करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और इसकी जांच जारी है. प्रशासन ने दो टूक कहा है कि CTR पोर्टल और JSJB पोर्टल दोनों पूरी तरह अलग हैं. CTR पोर्टल पर अपलोड की गई शैक्षणिक तस्वीरों का JSJB पुरस्कार से कोई लेना-देना नहीं है और न ही इन्हें पुरस्कार के मूल्यांकन में शामिल किया गया था. जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर गंभीर आरोप लगाने से पहले तथ्यों की सही जानकारी अवश्य लें और भ्रामक खबरें फैलाने से बचें.

About the Author

Dallu Slathia

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें

homemadhya-pradesh

राष्ट्रपति पुरस्कार पर फैली अफवाहों को खंडवा प्रशासन ने किया बेनकाब, दिया जवाब

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *