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Measures To Keep Wild Animals Away From Fields: गन्ने की कटाई का मौसम शुरू होते ही जंगल से सटे वेस्ट यूपी के गांवों में वन्यजीवों की हलचल बढ़ जाती है. गन्ने के खेतों में बाघ, तेंदुए, हाथी या जंगली सूअर अक्सर छिपे मिल जाते हैं. इसलिए किसान कटाई के दौरान अगर सिर्फ 3 जरूरी सावधानियां अपना लें, तो खेतों में छिपे वन्यजीवों से जान का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है.
पीलीभीत जिला प्रदेश में कृषि उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले प्रमुख जिलों में से एक है. जिले में मुख्य रूप से धान और गन्ने की खेती होती है. लेकिन कई इलाके ऐसे हैं जहां हर साल फसल की कटाई प्रभावित होती है. इस रुकावट का कारण प्राकृतिक आपदा या इंसानी गलती नहीं बल्कि वन्यजीव हैं.

दरअसल, जिले में टाइगर रिजर्व से सटे कई इलाकों में बाघ और तेंदुए अक्सर आबादी के बीच देखे जाते हैं. ये बाघ और तेंदुए गन्ने और धान की फसलों को जंगल का हिस्सा समझ इनमें ही छिप जाते हैं. वहीं फसल की कटाई के समय इन वन्यजीवों का इंसानों से आमना सामना हो जाता है जो मानव और वन्यजीव के बीच संघर्ष की स्थिति का कारण बन जाता है.

पीलीभीत के जंगलों को 9 जून 2014 को टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया था. तब से अब तक पर्यटन में खासी बढ़ोतरी हुई मगर बाघ हमलों में अब तक तकरीबन 70 इंसानों की जान जा चुकी है. वर्तमान में चीनी मिलों का गन्ना पेराई सत्र शुरू हो गया है. पर्चियों के अनुसार किसान गन्ने की फसल की कटाई शुरू करेंगे. जंगल से सटे क्षेत्रों में यह काम बेहद संवेदनशील और जोखिम भरा होता है.
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लोकल 18 से बातचीत में पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि बीते वर्षों में जंगल से सटे इलाकों में गन्ने की फसल काटते समय कई बार मानव और वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं हुई हैं. किसानों की सुरक्षा के लिए ‘बाघ एक्सप्रेस’ नामक नवाचार के जरिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. संवेदनशील इलाकों में रहने वाले किसानों से अपील की गई है कि वे कटाई के दौरान पूरी सावधानी बरतें.

किसान जब भी खेत में कटाई को जाएं तो शोर शराबा करते हुए खेत में पहुंचें, वहीं शोर शराबा करते हुए ही कटाई करें. कटाई करने अकेले बिल्कुल भी न जाएं समूह में ही जाएं. संभव हो तो पोर्टेबल स्पीकर लेकर संगीत बजाते हुए कटाई करें. सभी लोग एक साथ कटाई न करें बल्कि एक दो लोग निगरानी करते रहें. अगर आपका इलाका संवेदनशील है तो सूर्य की रोशनी में ही खेतों पर जाएं.
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