Tips To Improve Sleep Quality: आजकल नींद से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. मॉडर्न लाइफस्टाइल में लोग देर रात तक काम करते हैं और अनहेल्दी फूड्स का सेवन करते हैं. इसकी वजह से सेहत बिगड़ रही है और इसका असर नींद पर भी देखने को मिल रहा है. कई लोग देर रात कर लेटे रहते हैं, लेकिन उन्हें नींद नहीं आती है. कई बार दिमाग का शांत न होना भी नींद न आने की वजह बनता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार सेहत के लिए अच्छी नींद बेहद जरूरी है. नींद सिर्फ आराम ही नहीं, बल्कि हीलिंग के लिए भी बहुत जरूरी है. पर्याप्त नींद मानसिक संतुलन, हार्मोनल रीसेट और इम्यूनिटी के लिए बेहद जरूरी है. अगर आप भी रोज रात बेचैनी महसूस करते हैं, तो सोने से पहले कुछ आसान आदतें आपकी नींद की क्वालिटी को बेहतर बना सकती हैं.
सोने से एक घंटे पहले करें डिजिटल डिटॉक्स
मोबाइल, लैपटॉप और टीवी की ब्लू लाइट दिमाग की मेलाटोनिन हार्मोन की प्रक्रिया को धीमा कर देती है, जो नींद लाने के लिए जिम्मेदार है. यही कारण है कि फोन देखते-देखते सोने जाने पर दिमाग एक्टिव रहता है और नींद आने में देरी होती है. इसलिए सोने से कम से कम एक घंटा पहले सभी स्क्रीन बंद कर दें. इस समय का उपयोग हल्की बातचीत, किताब पढ़ने या शांत संगीत सुनने में करें. यह दिमाग को नींद के लिए तैयार करता है.
सोने से पहले गर्म पानी से पैर धोना
आयुर्वेद और मॉडर्न साइंस दोनों मानते हैं कि सोने से पहले हल्का गर्म पानी शरीर की मांसपेशियों को रिलैक्स करता है, ब्लड फ्लो बढ़ाता है और दिमाग को शांत करता है. इससे शरीर को संकेत मिलता है कि अब आराम का समय है. अगर रात में गर्म पानी से नहाना संभव नहीं है, तो गुनगुने पानी से पैर धोने से भी शरीर में गर्माहट बढ़ती है, जिससे नींद जल्दी आती है.
कैमोमाइल या हल्दी वाला दूध पिएं
कैमोमाइल टी को बेहतर नींद लाने में मददगार माना जाता है. यह खास चाय मांसपेशियों और दिमाग को शांत करती है. वहीं हल्दी वाला दूध शरीर की थकान दूर कर देता है और मेलाटोनिन बढ़ाने में मदद करता है. सोने से 30 मिनट पहले इन दोनों में से कोई एक ड्रिंक लेने से नींद जल्दी और गहरी आती है. कैफीन, चाय या कॉफी रात में बिल्कुल न लें, क्योंकि यह दिमाग को स्टिम्युलेट कर नींद को और खराब कर देती है.
जर्नलिंग करें या ब्रीदिंग एक्सरसाइज अपनाएं
कई लोग इसलिए भी ठीक से नहीं सो पाते हैं, क्योंकि दिमाग लगातार सोचता रहता है. ऑफिस की टेंशन, परिवार की जिम्मेदारियां या भविष्य की चिंता के कारण लोग टेंशन में आ जाते हैं. ऐसे में सोने से पहले 5 मिनट जर्नलिंग यानी डायरी लिखना शुरू करें और दिनभर की सारी चिंता कागज पर उतार दें. इससे दिमाग हल्का महसूस करता है. इसके अलावा 4-7-8 ब्रीदिंग तकनीक (4 सेकंड सांस लेना, 7 सेकंड रोकना, 8 सेकंड छोड़ना) दिमाग और हार्ट की गति को शांत करती है, जिससे नींद बहुत जल्दी आती है.
बेड को सिर्फ सोने की जगह बनाएं
स्लीप एक्सपर्ट्स की कहना है कि बेड का दिमाग के साथ एक स्लीप कनेक्शन होना जरूरी है. अगर बेड पर आप मोबाइल चलाते हैं, सीरीज देखते हैं या ऑफिस का काम करते हैं, तो दिमाग बेड को आराम की जगह नहीं, बल्कि एक्टिविटी की जगह मानने लगता है. इससे लेटते ही नींद नहीं आती है. कोशिश करें कि बेड पर सिर्फ दो काम हों- सोना या रिलैक्सेशन. इससे शरीर को संकेत मिलता है कि लेटते ही आराम करना है और नींद अपने आप आने लगती है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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