ब्रेन सर्जरी के बाद सदगुरु पहुंच गए कैलाश, 21 हजार फीट पर जाना मामूली बात नहीं, डॉक्टर ने जताई आशंका

Last Updated:

Sadhguru arrive Mount Kailash: आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव का हाल ही में ब्रेन सर्जरी हुई थी और अब वे कैलाश मानसरोवर पहुंच गए हैं. डॉक्टर इससे बेहद चिंतित हैं. आखिर 21 हजार फीट की ऊंचाई पर जाने से क्य…और पढ़ें

ब्रेन सर्जरी के बाद सदगुरु पहुंच गए कैलाश, 21 हजार फीट पर जाना मामूली बात नहींकैलाश में सदगुरु.
Sadhguru Mount Kailash: आध्यात्मिक गुरु सदगुरु जग्गी वासुदेव डॉक्टरों के मना करने के बावजूद कैलाश मानसरोवर पहुंच गए हैं. सदगुरु की हाल ही में ब्रेन सर्जरी हुई थी जिसके बाद उन्हें एहतियात बरतने के लिए कहा गया था लेकिन सदगुरु नहीं माने और वे कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर पहुंच गए. अब डॉक्टरों ने चिंता जाहिर की है. क्योंकि किसी भी सर्जरी के बाद ठीक होने में समय लगता है. लेकिन जब बात ब्रेन सर्जरी की हो तो बेहद सावधानी बरतनी पड़ती है. हालांकि सद्गुरु ने बिल्कुल अलग करने का रास्ता चुना. 2024 में उनकी दो ब्रेन सर्जरी हुईं लेकिन इसके बावजूद उन्होंने एक अनोखा और चुनौतीपूर्ण निर्णय लिया. 67 साल की उम्र में उन्होंने माउंट कैलाश की कठिन यात्रा शुरू की.वो भी बाइक से. सदगुरु फिलहाल सबड्यूरल हेमाटोमा से उबर रहे हैं.

शिव की गोद में

हाल ही में अभिनेता आर. माधवन ने एक इंटरव्यू में उनसे पूछा कि जब ज़्यादातर लोग इतना बड़ा ऑपरेशन होने के बाद बहुत सावधानी बरतते हैं, तब आप माउंट कैलाश जाने का फैसला करते हैं. वो भी सामान्य रास्ते से नहीं, बल्कि बाइक से. बारिश और कीचड़ से भरी इतनी खतरनाक यात्रा… आपको ऐसा करने की प्रेरणा आखिर कहां से मिली. सदगुरु ने हंसते हुए कहा कि जब सिर ही टूट चुका था, तो सोचा सबसे अच्छा है इसे शिव की गोद में रख दिया जाए. उनके इस निर्भीक और सकारात्मक जवाब से प्रभावित होकर माधवन ने कहा, क्या ही शानदार सोच है. सद्गुरु ने बताया कि वह कई वर्षों से कैलाश जाते आ रहे हैं, लेकिन हाल के प्रतिबंधों की वजह से वह केवल मानसरोवर झील की तरफ ही जा पाते हैं. उन्होंने कहा, पिछले साल मैं नहीं जा पाया क्योंकि मेरा सिर चोटिल हो गया था. वह भी एक बार नहीं बल्कि दो बार. उन्होंने कहा कि वे पिछली बार भी तब गए थे जब उनकी जांघ की मांसपेशी का लगभग एक-चौथाई हिस्सा कमज़ोर हो गया था. सदगुरु उस हालत में भी मैं कैलाश गए और वहां बैठे. इससे उनकी दृढ़ इच्छा शक्ति साफ झलकती है. सद्गुरु ने आगे बताया कि उनकी दूसरी सर्जरी कैसे हुई. अपनी बेटी के साथ तैराकी करते समय उन पर एक बंदर ने हमला कर दिया. इससे वे कांच के दरवाज़े से टकरा गए और उनका सिर फट गया. सदुगुरु ने बताया कि ब्रेन ब्लीडिंग होने के बावजूद उन्होंने लगातार तीन दिन तक अपना कार्यक्रम जारी रखा और फिर उन्हें इमरजेंसी में सर्जरी करवानी पड़ी.

View this post on Instagram

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *