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Perfect Kadhi Recipe: सही तरीके से कढ़ी बनाने के कुछ आसान घरेलू टिप्स अपनाकर आप हमेशा स्वादिष्ट और परफेक्ट कढ़ी तैयार कर सकते हैं. इस खबर में हम आपको बताएंगे कि कैसे इन सरल तरीकों से आप बढ़िया कढ़ी तैयार कर सकत…और पढ़ें
कढ़ी एक ऐसी डिश है जिसमें बैलेंस्ड फ्लेवर, स्मूद टेक्सचर और परफेक्ट कंसिस्टेंसी बहुत मायने रखती है. कढ़ी बनाने में सबसे बड़ी समस्या तब आती है जब दही फट जाता है. यह ज़्यादातर इसलिए होता है क्योंकि दही और बेसन का सही मिश्रण नहीं बनता या दही को तेज़ आंच पर सीधे गर्म कर दिया जाता है. कढ़ी बनाने की प्रक्रिया को समझना इसलिए बेहद ज़रूरी है.
सबसे पहले दही और बेसन को अच्छे से मिलाना चाहिए. एक बाउल में दही लें और उसमें बेसन डालकर अच्छी तरह फेंटें, ताकि उसमें कोई गांठ न रहे. इसमें स्वादानुसार हल्दी और लाल मिर्च पाउडर डाल सकते हैं. इसके बाद धीरे-धीरे पानी मिलाकर स्मूद और पतला घोल तैयार करें. ध्यान रखें कि घोल एकदम चिकना होना चाहिए, तभी कढ़ी का स्वाद अच्छा आएगा.
कढ़ी में नमक डालने का सही समय
ज़्यादातर लोग दही और बेसन के घोल में ही नमक डाल देते हैं, जिसकी वजह से उबालते समय दही फटने लगता है. सही तरीका यह है कि नमक तब डालें जब कढ़ी अच्छी तरह से उबलकर गाढ़ी हो जाए और लगभग तैयार हो जाए. नमक हमेशा आखिर में या बीच में डालें. शुरुआत में डालने से कढ़ी का टेक्सचर बिगड़ सकता है.
कढ़ी को तेज़ आंच पर पकाने से दही के फटने का डर बढ़ जाता है. इसे हमेशा मध्यम या धीमी आंच पर पकाना चाहिए और बीच-बीच में हिलाते रहना चाहिए. लगातार हिलाने से कढ़ी नीचे से लगती नहीं है और उसका स्वाद और टेक्सचर दोनों अच्छे रहते हैं.
कढ़ी का असली स्वाद उसके तड़के से आता है. जीरा, राई, करी पत्ते, हींग और सूखी लाल मिर्च का तड़का कढ़ी में डालते ही उसका स्वाद दोगुना हो जाता है. कुछ लोग लहसुन और प्याज का भी तड़का लगाते हैं, जबकि कुछ लोग सिंपल तड़के से ही स्वादिष्ट कढ़ी बना लेते हैं. तड़का हमेशा अंत में डालना चाहिए ताकि फ्लेवर ताज़ा बने रहें.
गाढ़ापन और कंसिस्टेंसी बनाए रखना
कढ़ी न ज़्यादा पतली होनी चाहिए और न ही ज़्यादा गाढ़ी. इसे पकाते समय बीच-बीच में देखते रहें. अगर बहुत पतली लग रही है तो कुछ देर और पकाएं और अगर बहुत गाढ़ी हो गई है तो थोड़ा गर्म पानी मिलाकर फिर से उबाल लें.
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