सिर्फ पीला दिखने का मतलब पकना नहीं, गेहूं काटने से पहले किसान ऐसे चेक करें फसल पकी या नहीं

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पीला दिखने का मतलब पकना नहीं, गेहूं काटने से पहले किसान ऐसे चेक करें फसल

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Wheat Harvesting Tips: कृषि विशेषज्ञ का कहना है कि किसान को आमतौर पर पता होता है कि उनकी फसल कब पकेगी और कब नहीं. फिर भी किसानों में थोड़ा सा कन्फ्यूजन होता है कि फसल पकी या नहीं. इसमें नमीं कितनी होनी चाहिए या फिर कटाई के वक्त किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए. जानें सब…

Balaghat News: अब रबी की फसल पक कर लगभग तैयार हो चुकी है. ऐसे में किसान भी फसलों की मढ़ाई कर रहे हैं. रबी की सबसे प्रमुख फसलों में गेहूं का नाम आता है. ऐसे में गेहूं की फसल भी महीनों की मेहनत के बाद अब कटने का समय आ गया है. लेकिन, गेहूं कटाई से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. तो जानें कृषि विशेषज्ञ देवेंद्र नागपुरे ने लोकल 18 के जरिए किसान भाइयों को क्या सलाह दी है.

गेहूं पकने का रखें ध्यान
कृषि विशेषज्ञ देवेंद्र नागपुरे का कहना है कि किसान को आमतौर पर पता होता है कि उनकी फसल कब पकेगी और कब नहीं. फिर भी किसानों में थोड़ा सा कन्फ्यूजन होता है कि फसल पकी है या नहीं. इसमें नमीं कितनी होनी चाहिए या फिर कटाई के वक्त किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए.

गेहूं कटाई से पहले रखें इन बातों का ध्यान
कृषि विशेषज्ञ का कहना है कि देश में पंजाब और यूपी के बाद मध्य प्रदेश में भी काफी मात्रा में गेहूं की फसल होती है. ऐसे में किसान भाइयों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए.

परिपक्वता का करें निरीक्षण 
गेहूं काटने की स्थिति तब ही बनती है, जब 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा पीला पड़ जाना चाहिए. अगर ऐसी स्थिति दिखती है, तो समझ जाइए की आपकी फसल पक कर तैयार हो चुकी है.

नमी की करें जांच
जब गेहूं की फसल पीली दिखनी शुरू हो जाती है तो इसके बाद दानों में नमी की मात्रा जांच लेनी चाहिए. इसके लिए दाने में नमी करीब 15 से 20 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. इसके लिए सबसे आसान तरीका है कि किसान दाने को दांत से तोड़कर देखें. अगर “कट” की आवाज आती है, तो आपकी फसल पक कर तैयार हो चुकी है.

मढ़ाई करते समय ढीले कपड़े न पहनें
गेहूं की मढ़ाई के दौरान किसान ढीले कपड़े बिल्कुल न पहनें. कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है कि कपड़े थ्रेसर मशीन में फसले की आशंका रहती है, जिससे कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है.

पराली न जलाएं
आमतौर पर किसान कटाई के बाद खेत में आग लगा देते हैं. इससे मित्र कीट और सूक्ष्म जीव खेत से नष्ट होने लगते हैं. इससे भूमि की उर्वरा शक्ति पर असर पड़ता है. इसके अलावा वायु प्रदूषण का भी कारण बनता है. ऐसे में किसान कटाई के बाद खेत में रोटावेटर या फिर मिट्टी पलट हल से गहरी जुताई कर लें. इससे खेत में फसल के अवशेष भूमि में दफन हो जाएंगे, जो अपघटित होकर खाद का काम करेंगे.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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