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आजकल हेल्दी लाइफस्टाइल में जूस और स्मूदी दोनों ही काफी पॉपुलर हैं, लेकिन लोग अक्सर समझ नहीं पाते कि इनमें से ज्यादा फायदेमंद क्या है. देखने में दोनों हेल्दी लगते हैं, पर इनके न्यूट्रिशन और शरीर पर असर अलग-अलग होते हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार, सही चुनाव आपके हेल्थ गोल पर निर्भर करता है.
आजकल हेल्दी लाइफस्टाइल की बात हो और जूस या स्मूदी का जिक्र न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता. दोनों ही ड्रिंक्स को लोग “हेल्दी” मानते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार दोनों का शरीर पर असर अलग-अलग होता है. कई लोग सुबह जूस पीना पसंद करते हैं तो कुछ लोग स्मूदी को मील रिप्लेसमेंट की तरह लेते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर दोनों में ज्यादा बेहतर क्या है. सच्चाई यह है कि दोनों के अपने फायदे और नुकसान हैं, और सही चुनाव आपके हेल्थ गोल पर निर्भर करता है.
मुंबई के वेलकेयर क्लिनिक की सीनियर न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. निहारिका कपूर के अनुसार, जूस में फल या सब्जियों का रस होता है जिसमें फाइबर लगभग खत्म हो जाता है, जबकि स्मूदी में पूरा फल या सब्जी ब्लेंड होती है, जिससे फाइबर बरकरार रहता है. यही सबसे बड़ा अंतर है जो दोनों के असर को बदल देता है. फाइबर पाचन, ब्लड शुगर और पेट भरने में अहम भूमिका निभाता है, जबकि जूस जल्दी एनर्जी देता है लेकिन ज्यादा देर तक पेट भरा नहीं रखता.
जूस के फायदे और नुकसान
जूस का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें न्यूट्रिएंट्स का कंसंट्रेशन ज्यादा होता है, जिससे शरीर को विटामिन और मिनरल्स जल्दी मिल जाते हैं. यह उन लोगों के लिए मददगार हो सकता है जो फल-सब्जियां कम खाते हैं या जिन्हें तुरंत एनर्जी चाहिए. लेकिन इसमें फाइबर की कमी होती है, जिससे शुगर जल्दी ब्लड में पहुंचती है और ब्लड शुगर स्पाइक हो सकता है. यही कारण है कि जूस ज्यादा पीने से वजन बढ़ने और डायबिटीज का खतरा भी बढ़ सकता है.
स्मूदी क्यों मानी जाती है बेहतर
स्मूदी में पूरा फल इस्तेमाल होता है, इसलिए इसमें फाइबर मौजूद रहता है जो पाचन को बेहतर बनाता है और आपको लंबे समय तक फुल रखता है. इससे ब्लड शुगर भी धीरे-धीरे बढ़ता है और एनर्जी लंबे समय तक बनी रहती है. हालांकि, स्मूदी भी पूरी तरह परफेक्ट नहीं है. अगर इसमें ज्यादा फल या शुगर वाली चीजें डाल दी जाएं, तो यह भी हाई कैलोरी ड्रिंक बन सकती है. इसलिए इसे बैलेंस्ड तरीके से बनाना जरूरी है.
आखिर क्या है बेहतर ऑप्शन
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि जूस और स्मूदी दोनों ही हेल्दी डाइट का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन सही मात्रा और सही तरीके से. अगर आपको जल्दी एनर्जी चाहिए तो जूस ठीक है, लेकिन रोजाना हेल्थ और वेट मैनेजमेंट के लिए स्मूदी ज्यादा बेहतर विकल्प मानी जाती है. सबसे जरूरी बात यह है कि इन दोनों को पूरा भोजन का विकल्प न बनाएं. पूरी फल-सब्जियां खाना ही सबसे ज्यादा फायदेमंद रहता है, क्योंकि उनमें फाइबर, न्यूट्रिएंट्स और सैटायटी तीनों का सही संतुलन होता है.
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विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें