ट्रंप के टैरिफ की मार का खुद अमेरिकी ही बन रहे भुक्तभोगी, जेपी मॉर्गन ने बताया कैसा हुआ असर

US Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा इस साल की शुरुआत में लगाए गए टैरिफ का असर अब साफ दिखाई देने लगा है. जहां इन टैरिफ का उद्देश्य अमेरिकी उद्योगों को बढ़ावा देना बताया गया था, वहीं नई रिपोर्ट के मुताबिक इसका बोझ खुद अमेरिकी कंपनियों और उपभोक्ताओं पर पड़ा है. JPMorgan Chase Institute की गुरुवार को जारी रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल के मुकाबले अमेरिकी व्यवसायों का टैरिफ भुगतान लगभग तीन गुना तक बढ़ गया है.

टैरिफ का अमेरिका पर बड़ा असर

समाचार एजेंसी Associated Press (एपी) ने इस अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि टैरिफ नीतियों का अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ा है. अमेरिका में व्यवसाय पर असर रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में करीब 4.8 करोड़ लोग निजी कंपनियों में कार्यरत हैं. इनमें से बड़ी संख्या ऐसे व्यवसायों की है जो बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं और बार-बार टैरिफ नीतियों का जिक्र कर रहे हैं.

कंपनियों को कीमतें बढ़ानी पड़ीं नई भर्तियों में कटौती की गई मुनाफे पर दबाव बढ़ा संस्थान के बिजनेस रिसर्च डायरेक्टर शी मैक के मुताबिक, कारोबारी लागत संरचना में बड़ा बदलाव आया है. खासकर चीन के साथ लेन-देन में गिरावट देखी गई है और कई कंपनियां अब अन्य एशियाई देशों की ओर रुख कर सकती हैं.

चीन के ऊपर कम हुई निर्भरता

आंकड़ों से संकेत मिलता है कि चीनी उत्पादों पर निर्भरता कम हो रही है. अक्टूबर 2024 की तुलना में संबंधित कंपनियों द्वारा चीन को किए गए भुगतान में करीब 20% की कमी दर्ज की गई है. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि सप्लाई चेन वास्तव में अन्य देशों में शिफ्ट हुई है या माल चीन से री-रूट होकर अमेरिका पहुंच रहा है. व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया इन निष्कर्षों पर व्हाइट हाउस ने असहमति जताई है.

व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव कुश देसाई ने रिपोर्ट को तर्कहीन बताते हुए कहा कि इससे यह तथ्य नहीं बदलता कि राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियां देशहित में हैं. रिपोर्ट से यह संकेत मिलता है कि टैरिफ का प्रभाव केवल अंतरराष्ट्रीय व्यापार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सीधा असर अमेरिकी कंपनियों की लागत, रोजगार और मुनाफे पर पड़ा है. हालांकि प्रशासन इसे नीतिगत रूप से सही ठहरा रहा है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि व्यापारिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव जारी है.

ये भी पढ़ें: जंग की आहट के बीच कराह रहा भारतीय रुपया, अमेरिकी डॉलर के सामने निकल रहा दम

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *