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Success Story : अभिषेक की सफलता की नींव किसी आलीशान ऑफिस में नहीं, बल्कि मुंबई के दादर मार्केट की उस जमीन पर पड़ी थी जहां वे सब्जियां बेचते थे. पिता के साथ सब्जी बेचते ही उन्होंने सीए की पढ़ाई की.
अभिषेक (बाईं ओर) ओमान में क्लाउड किचन बिजनेस करते हैं. (Photo : @kushallodha548/X)
नई दिल्ली. जो लोग किस्मत के भरोसे हाथ पर हाथ धरकर बैठे रहते हैं, वो सफल नहीं होते. भाग्य भी उनका साथ देता है जो मेहनत, अनुशासन और हार न मानने के का जज्बा लिए बस अपनी मंजिल को पाने में लगे रहते हैं. इसी मंत्र से सफलता के शिखर पर पहुंचे हैं सीए अभिषेक आर वैश्य. कभी मुंबई की एक चाल के 150 वर्ग फीट के कमरे में परिवार के पांच सदस्यों के साथ रहने वाले अभिषेक के पास आज मुंबई, दुबई और ओमान में घर हैं. वे बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज जैसी लग्जरी कार चलाते हैं और ओमान में उनका क्लाउड किचन बिजनेस काफी लोकप्रिय है.
अभिषेक की सफलता की नींव किसी आलीशान ऑफिस में नहीं, बल्कि मुंबई के दादर मार्केट की उस जमीन पर पड़ी थी जहां वे सब्जियां बेचते थे. पॉडकास्टर कुशल लोढ़ा ने अभिषेक की सफलता की कहानी ‘एक्स’ पर साझा की है. पोस्ट के अनुसार, अभिषेक जब 13 साल के हुए तो उन्होंने अपने पिता के साथ सब्जी बेचना शुरू कर दिया. 20वें साल तक उन्होंने दादर में सब्जियां बेचीं.
He used to sell vegetables at Dadar with his father from age 13-20.
He used to sell vegetables early in the morning from 4 to 6 AM, then go for his CA Final classes from 7-10 AM, then go for articleship from 10 AM – 9 PM, study for a bit, and then sleep by 11 PM.
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