₹9000 से ₹300000000 का सफर! बिहार के 2 युवाओं ने मुर्गी पालन में रचा इतिहास

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Success Story: पश्चिम चंपारण के हरनाटांड़ निवासी अमित कुमार और रविशंकर तिवारी ने 9000 रुपये से पॉल्ट्री फार्मिंग शुरू की थी. आज उनका कारोबार 30 करोड़ का टर्नओवर करता है. वहीं, उनके पास 3 लाख से अधिक अंडे, 1 लाख से अधिक कुक्कुट और 30000 के करीब चूजों की क्षमता वाले सेटअप का संचालन हो रहा है.

पश्चिम चंपारण:  आज हम आपको एक ऐसे शख्स की कहानी बता रहे हैं, जिसने पॉल्ट्री फार्मिंग और हेचरी की दुनिया में बहुत बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है. एक समय वह सिर्फ 9000 रूपये से इस कारोबार की शुरुआत की थी. आज इस शख्स ने पोल्ट्री फार्मिंग के कारोबार को सालाना 30 करोड़ तक के टर्नओवर तक पहुंचा दिया है. आज उसके पास 3 लाख से अधिक अंडे, 1 लाख से अधिक कुक्कुट और 30000 के करीब चूजों की क्षमता वाले सेटअप का संचालन हो रहा है. यह कारोबारी कोई और नहीं, बल्कि जिले के हरनाटांड़ निवासी अमित कुमार और उनके मित्र रविशंकर तिवारी (गांधी तिवारी) हैं. दोनों मित्रों ने पॉल्ट्री फार्मिंग के इस साम्राज्य को लगभग 5 एकड़ में फैलाया है.

जानें कैसे की पोल्ट्री फार्मिंग की शुरूआत

लोकल 18 से बातचीत में अमित बताते हैं कि उन्होंने इस कारोबार की शुरुआत वर्ष 2003 में की थी. करीब 5 वर्षों तक चले संघर्ष के बाद साल 2009 में उन्होंने खुद की कमाई से ब्रायलर मुर्गे की पहली यूनिट डाली. वर्तमान में इस यूनिट में 12000 से मुर्गे-मुर्गियों की उपलब्धता है. इस कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने  साल 2017 में एक ऐसे यूनिट की शुरुआत की. जहां से वो खुद ही अंडों से चूजों को तैयार कर सकते थे.

जानें यहां कुक्कुटों की क्षमता

अमित बताते हैं कि वर्तमान में उनके पास ब्रीडर की कुल चार यूनिट्स हैं. एक यूनिट में करीब 12000 मुर्गे- मुर्गियों को रखा जाता है. इनसे मिलने वाले अंडों को बाजार में न बेचकर, उनसे चूजे निकाले जाते हैं. बड़े होने पर यह चूजे ब्रायलर के रूप में बेचे जाते हैं. इस प्रकार अमित के पास सिर्फ ब्रायलर के कुल 7 यूनिट्स हैं, जिनमें कुल मिलाकर 70000 से अधिक कुक्कुट उपलब्ध हैं.

हर समय रहता है 3 लाख से अधिक अंडे

कुछ ऐसी ही स्थिति चूजों और अंडों की भी है. पॉल्ट्री फार्मिंग के कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए अमित और उनके मित्र ने सिटिंग सहित हैचिंग मशीनों वाले प्लांट्स की भी नींव रखी है. वर्तमान में उनके पास 2 लाख 70 हजार की क्षमता वाली सिटिंग मशीनें हैं और 50 हजार की क्षमता वाली हैचिंग मशीने भी हैं. इन मशीनों में हर समय 3 लाख 20 हजार अंडे उपलब्ध रहते हैं.

इन बातों का रखें ध्यान

अब बात कर लेते हैं कि अंडों वाली इन मशीनों में अंडों के रख रखाव और चूजों की देख रेख की प्रक्रिया की. वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि हैचिंग मशीन में अंडों को रखने से पहले उनकी गुणवत्ता को परख लेना चाहिए. साथ ही हाइजीन का ध्यान रखते हुए उन्हें 99.5 डिग्री फारेनहाइट या 37.5 डिग्री सेल्सियस की तापमान पर रखना चाहिए. 21 दिनों में जब चूजे बाहर निकल आते हैं तो उन्हें बाहरी गंदगी से बचाते हुए एक ऐसी जगह पर रखना चाहिए. जहां संक्रमण का खतरा जरा भी न रहे.

About the Author

Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें

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