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Side Effect of Obesity: मोटापा शरीर के मूवमेंट करने की क्षमता पर बुरा असर डालता है. ज्यादा वजन हड्डियों के घिसने का भी कारण बनता है, जिससे कमर और जोड़ों में बराबर दर्द की शिकायत रह सकती है. इसके लिए क्या उपाय है यहां आप ऑर्थोपेडिक्स एक्सपर्ट से जान सकते हैं.
आज की तेज-रफ्तार जिंदगी में हम अक्सर अपने वजन को लेकर लापरवाह हो जाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बढ़ता हुआ वजन सिर्फ आपकी दिखावट ही नहीं बदलता, बल्कि आपके शरीर के हर रोज के कामकाज पर भी चुपचाप असर डालता है? सबसे पहले इसका बोझ पड़ता है आपके घुटनों और कमर पर, वो हिस्से जो दिनभर आपको संभालते रहते हैं.
मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल,द्वारका में सीनियर डायरेक्टर और यूनिट हेड, ऑर्थोपेडिक्स एंड नी रिप्लेसमेंट एक्सपर्ट डॉ.दीपक रैना बताते हैं कि हमारे घुटने और रीढ़ की हड्डी शरीर का पूरा भार उठाते हैं, झटके सहते हैं और हमें आराम से चलने-फिरने में मदद करते हैं. पर जब शरीर का वजन उनकी क्षमता से ज्यादा हो जाता है, तो ये हिस्से जल्दी घिसने लगते हैं. जिसके कारण दर्द, जकड़न और चलने-फिरने में परेशानी होती है.
जोड़ों को कैसे कमजोर करता है मोटापा
डॉक्टर के मुताबिक, शरीर का थोड़ा-सा बढ़ा वजन घुटनों पर कई गुना दबाव डालता है. हर कदम के साथ घुटनों पर शरीर के वजन का 3–4 गुना तक भार पड़ता है. ऐसे में अगर वजन 10–15 किलो ज्यादा हो, तो मानो घुटनों पर रोजाना कई बोरी सीमेंट का बोझ रख दिया गया हो. समय के साथ घुटनों की कार्टिलेज घिसने लगती है, जिससे दर्द, सूजन और चलने पर “कड़-कड़” जैसी आवाजें आने लगती हैं.
कमर का दर्द भी बढ़े वजन से जुड़ा
पेट के आस-पास जमा चर्बी शरीर का संतुलन बिगाड़ देती है. इससे कमर को शरीर को सीधा रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. कोर मसल्स जल्दी थक जाते हैं, लिगामेंट में खिंचाव और रीढ़ की डिस्क पर दबाव बढ़ जाता है. यही कारण है कि लगातार कमर दर्द, झुक कर चलना और थकान महसूस होने लगती है.
क्या है समाधान?
डॉक्टर के मानें तो इस परेशानी को आसानी से कुछ बातों को ध्यान में रखकर दूर किया जा सकता है.वजन से घिस रही हड्डियों को बचाने के लिए इसे कम करना जरूरी है. ऐसे में इसके लिए आप वॉकिंग, तैराकी या साइकिलिंग जैसी हल्की एक्सरसाइज और संतुलित आहार खा सकते हैं. यदि मोटापा बहुत ज्यादा है तो डॉक्टर से परामर्श करना भी जरूरी है.
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शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.