मध्य प्रदेश में 1.5 लाख शिक्षकों की नौकरी पर संकट, टीईटी फेल होने पर सीधे बाहर

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Bhopal News: जिन टीचर्स की पांच साल से कम नौकरी बची है, उन्हें TET देने की जरूरत नहीं है. वहीं ऐसे शिक्षक जिनकी सेवानिवृत्ति में अभी पांच साल से ज्यादा का समय शेष है, उन्हें अनिवार्य रूप से टीईटी परीक्षा देनी होगी.

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करीब डेढ़ लाख शिक्षकों की नौकरी पर संकट मंडराया. (फोटो- AI)

रिपोर्ट- शैलेंद्र सिंह, भोपाल. मध्य प्रदेश के शिक्षकों से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है. राज्य में करीब डेढ़ लाख शिक्षकों की नौकरी पर संकट मंडरा गया है. स्कूल शिक्षा विभाग शिक्षकों की पात्रता परीक्षा लेगा. टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (Teacher Eligibility Test) फेल होने पर शिक्षक हटाए जाएंगे. शिक्षा विभाग ने अपने इस आदेश में सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर का हवाला दिया है. स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश में कहा है कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 लागू होने से पहले हुई है, ऐसे शिक्षकों को सेवा में बने रहने के लिए TET पास करना अनिवार्य होगा. संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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