फिट और स्लिम दिखने की चाह में जिम जाना आज की युवतियों के लिए आम बात है, लेकिन जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज कब सेहत के लिए खतरा बन जाए, इसका अंदाजा शायद ही किसी को होता है. चीन की 23 साल की एक लड़की के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जहां जिम की दीवानगी ने उसकी बॉडी का बैलेंस बिगाड़ दिया और अचानक उसके पीरियड्स रुक गए. जब डॉक्टरों ने जांच की, तो सामने आई ऐसी वजह, जिसने फिटनेस को लेकर सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया.
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, जब उन्होंने डॉक्टर से जांच कराई तो सामने आया कि उनके हार्मोन लेवल 50 साल की महिला जैसे हो चुके हैं. इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या जरूरत से ज्यादा फिटनेस का जुनून महिलाओं की सेहत बिगाड़ सकता है. लड़की ने बताया कि कुछ समय पहले उनका वजन करीब 65 किलो था और वह बिंज ईटिंग की समस्या से जूझ रही थीं. वजन बढ़ने के बाद उन्होंने तेजी से स्लिम होने के लिए खुद को पूरी तरह एक्सरसाइज में झोंक दिया. वह हफ्ते में छह दिन करीब 70 मिनट तक लगातार हार्ड ट्रेनिंग करने लगीं. शुरुआत में सब ठीक लगा, लेकिन धीरे-धीरे उनके शरीर में बदलाव नजर आने लगे. सबसे पहले उनके पीरियड्स के दौरान ब्लड की मात्रा कम होने लगी. हालात इतने बिगड़ गए कि आखिरी बार पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग सिर्फ करीब दो घंटे ही हुई. यह चेंज उनके लिए चिंताजनक था, जिसके बाद उन्होंने डॉक्टर से संपर्क किया.
50 साल की महिला जैसे हॉर्मोन
अस्पताल में हुए टेस्ट के नतीजे चौंकाने वाले थे. डॉक्टरों ने बताया कि उनके फीमेल हार्मोन काफी कम हो गए हैं और यह स्तर आमतौर पर 50 साल की महिला में पाया जाता है. इसके अलावा डॉक्टरों ने उनमें “किडनी डिफिशिएंसी” के लक्षण भी बताए यानी किडनी अपना काम ठीक से नहीं कर पा रही है. उन्हें तुरंत ज्यादा एक्सरसाइज बंद करने की सलाह दी गई और शरीर को दोबारा संतुलन में लाने के लिए ट्रेडिशनल चाइनीज मेडिसिन दी गई. डॉक्टरों ने यह भी चेतावनी दी कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो भविष्य में मां बनने में दिक्कत हो सकती है.
इस समस्या को क्या कहते हैं?
झेजियांग झोंगशान हॉस्पिटल की सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट फैन यिबिंग के मुताबिक, इस समस्या को मेडिकल भाषा में एक्सरसाइज-असोसिएटेड एमेनोरिया कहा जाता है. यह तब होता है जब शरीर में खाने से मिलने वाली ऊर्जा कम होती है और एक्सरसाइज से खर्च होने वाली ऊर्जा बहुत ज्यादा हो जाती है. ऐसे में शरीर खुद को बचाने के लिए सबसे पहले रिप्रोडक्टिव सिस्टम को अस्थायी रूप से बंद कर देता है. इसका असर दिमाग से निकलने वाले हार्मोन पर पड़ता है, जिससे ओव्यूलेशन रुक जाता है और पीरियड्स अनियमित या बंद हो जाते हैं.
क्या ठीक हो सकती है ये दिक्कत?
डॉक्टरों का कहना है कि राहत की बात यह है कि यह समस्या स्थायी नहीं होती. अगर समय रहते एक्सरसाइज की तीव्रता कम कर दी जाए और सही मात्रा में खाना खाया जाए, तो शरीर धीरे-धीरे ठीक हो सकता है. हार्मोन लेवल वापस सामान्य आ सकता है और माहवारी भी दोबारा शुरू हो सकती है. हालांकि इसके लिए धैर्य रखना और लाइफस्टाइल में सही बदलाव करना जरूरी होता है.
तेजी से वजन कम होना भी समस्या
बीजिंग यूनियन मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के डॉक्टर लियू हाईयुआन बताते हैं कि बहुत तेजी से वजन कम होना भी इस समस्या की बड़ी वजह हो सकता है. अगर कम समय में 15 किलो से ज्यादा वजन घट जाए, तो शरीर इसे खतरे की स्थिति मान लेता है. ऐसे में सबसे पहले प्रजनन (Reporoductive) से जुड़ा सिस्टम प्रभावित होता है. इस केस में डॉक्टर ने युवती को दो से तीन महीने तक पूरी तरह से कड़ी एक्सरसाइज बंद करने की सलाह दी. इसके बाद उन्होंने हफ्ते में तीन से चार दिन हल्की एक्सरसाइज, जैसे योग, स्ट्रेचिंग या आरामदायक एक्टिविटीज करने को कहा.
पीरियड्स मिस करने पर न करें ये गलती
महिलाओं के लिए नियमित पीरियड्स अच्छे स्वास्थ्य का संकेत होते हैं. अगर इसमें अचानक कोई बदलाव आए, तो उसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. एक्सरसाइज जरूर करें, लेकिन अपने शरीर की जरूरत और संकेतों को समझते हुए. सही डाइट, पूरा आराम और संतुलित वर्कआउट ही एक सच्ची हेल्दी लाइफस्टाइल की पहचान है.