Jimikand ki sabji: दिवाली पर जरूर बनती है जिमीकंद की सब्जी, सेहत का सुपरफूड, इस रेसिपी से करें झटपट तैयार

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Suran ki sabji on Diwali: जिमीकंद एक भूमिगत सब्जी है, जो पौधे की जड़ के रूप में विकसित होती है. इसे एक बार बोने के बाद यह कई वर्षों तक उगती रहती है. इसका स्वाद तीखा और बनावट थोड़ी कठोर होती है, लेकिन इसके औषधीय गुण इसे खास बनाते हैं. 

दिवाली सिर्फ रोशनी और मिठास का पर्व नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति में स्वास्थ्य से जुड़ी परंपराओं को भी समेटे हुए है. इन्हीं में से एक है दिवाली के दिन सूरन या जिमीकंद की सब्जी खाने की परंपरा. खासकर बिहार और पूर्वांचल के इलाकों में इसे “ओल” कहा जाता है और इसे दिवाली के दिन विशेष रूप से पकाया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह परंपरा सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सेहत के लिहाज से भी बेहद लाभकारी है?

सूरन

जिमीकंद एक भूमिगत सब्जी है, जो पौधे की जड़ के रूप में विकसित होती है. इसे एक बार बोने के बाद यह कई वर्षों तक उगती रहती है. इसका स्वाद तीखा और बनावट थोड़ी कठोर होती है, लेकिन इसके औषधीय गुण इसे खास बनाते हैं.

सूरन

जिमीकंद में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है. इसके नियमित सेवन से कब्ज, गैस, अपच और एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत मिलती है. यही वजह है कि बवासीर के मरीजों को इसे खाने की सलाह दी जाती है. विशेषज्ञों के अनुसार खूनी बवासीर में इसे छाछ के साथ उबालकर खाना विशेष रूप से लाभकारी होता है.

सूरन

जो लोग मोटापे से परेशान हैं, उनके लिए जिमीकंद किसी वरदान से कम नहीं. इसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है, जिससे भूख कम लगती है और वजन नियंत्रित रहता है. यह एक नेचुरल एप्पेटाइट सप्रेसर की तरह काम करता है.

सूरन

इस सब्जी में आयरन की मात्रा भी अच्छी होती है, जो शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाने में मदद करती है. नियमित सेवन से खून की कमी दूर होती है और एनीमिया से बचाव होता है. जिमीकंद में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण गठिया और जोड़ों के दर्द में राहत दिलाते हैं. यह सूजन को कम करता है और शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है.

सूरन

इसमें कार्ब्स, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन बी1, बी6, फोलिक एसिड और बीटा कैरोटीन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर की संपूर्ण कार्यप्रणाली को बेहतर बनाते हैं. दिवाली पर सूरन खाने की परंपरा सिर्फ सांस्कृतिक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी बेहद लाभकारी है. यह एक ऐसी सब्जी है जो स्वाद, सेहत और परंपरा तीनों को एक साथ जोड़ती है. इस दिवाली अगर आप सूरन की सब्जी खा रहे हैं, तो समझिए आप अपने शरीर को एक प्राकृतिक औषधि दे रहे हैं.

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दिवाली पर खास तौर पर बनती है जिमींकमद की सब्जी, जानिए वजह

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