महुआ से बनी देसी ‘सुपरफूड’! बिना शक्कर-गुड़ कतली से जीतेंद्र कर रहे बंपर कमाई

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महुआ से बनी देसी ‘सुपरफूड’! बिना शक्कर-गुड़ कतली से जीतेंद्र कर रहे बंपर कमाई

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Mahua katli superfood : अभी तक आपने काजू कतली के बारे में सुना है लेकिन हम आपको महुआ कतली के बारे में बताने जा रहे हैं.‌ दरअसल, छतरपुर के जीतेंद्र वाजपेई जिन्होंने महुआ कतली बनाई है. ये कतली 800 रुपए किलो बेचते हैं. कैसे बनाते हैं? क्या है इस महुआ कतली की खासियत? आइए जानते हैं. 

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Mahua Katli Mithai  छतरपुर जिला जो महुआ के लिए भी जाना जाता है. क्योंकि आज भी यहां महुआ के पेड़ पाए जाते हैं. इसी सोच ने जीतेंद्र को महुआ की मिठाई बनाने का आइडिया दिया और आज वह महुआ कतली बनाकर बढ़िया कमाई कर रहे हैं.

बगैर गुड़-शक्कर बनाते मिठाई
छतरपुर के जीतेंद्र वाजपेई लोकल 18 से बातचीत में बताते हैं कि वह बुंदेली अनुमूति स्व सहायता समूह बिजावर के संचालक है. उनके समूह में तमाम तरह के प्रोडक्ट बनते हैं. इन्हीं प्रोडक्ट में एक प्रोडक्ट महुआ कतली भी है. इस महुआ कतली की खासियत यह है कि इसे बिना गुड़ और शक्कर के बनाया गया है.

जीतेंद्र बताते हैं कि महुआ कतली बनाना इतना आसान नहीं है. इसे बनाने में समय लगता है. सबसे पहले पेड़ से महुआ तोड़ा जाता है. जमीन में पड़े महुआ का इस्तेमाल नहीं करते हैं. हम महुआ को जमीन पर गिरने ही नहीं देते हैं. पेड़ से महुआ तुड़वा लेते हैं. जमीन पर जो महुआ गिरता है उसका 60 फीसदी रस वहीं खत्म हो जाता है.

ऐसी होती मिठाई तैयार
जीतेंद्र बताते हैं कि महुआ तोड़ने के बाद इसे सुखाते हैं. जड यह सूख जाता है तो इसे शुद्ध घी से फ्राई करते हैं. इसके बाद दूध में घुटाई करते हैं. दूध घुटाई के बाद इसमें अफीम बीज मिला देते हैं. अफीम के बीज कमजोर आंखों के लिए सही होते हैं. महुआ मिठाई गठिया, ब्लड सर्कुलेशन ठीक करने में भी मददगार होती है. महुआ की ये मिठाई बल वृद्धि यानी ताकत के लिए सबसे बेहतरीन डिश है.

छतरपुर और पन्ना में दुकान
जीतेंद्र बताते हैं कि महुआ की ये मिठाई काजू कतली से ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक और स्वादिष्ट होती है. अभी हमारी दुकान बिजावर और पन्ना में खुली है. इसके साथ ही हम ऑनलाइन डिलीवरी भी करते हैं.

वजीतेंद्र बताते हैं कि हमारी बुंदेली व्यंजन की ऑफिशियल वेबसाइट है जहां पर ऑनलाइन ऑर्डर लिए जाते हैं.

About the Author

Amit Singh

7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें

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