सतना में प्रशासन ने विवादित गुंबदनुमा बिल्डिंग तोड़ दिया। विवादित धार्मिक संरचना सहित पूरा निर्माण ध्वस्त करने में प्रशासन की जेसीबी को करीब तीन घंटा …और पढ़ें
HighLights
- प्रशासन ने निर्माणाधीन विवादित मकान जमींदोज कर दिया
- विवादित जमीन पर गुंबदनुमा धार्मिक निर्माण शुरू कराया था
- इस भवन को लेकर मतांतरण से जुड़े आरोप भी सामने आए थे
नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना: जिला के धारकुंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत झखौरा गांव में रविवार की सुबह से ही प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निर्माणाधीन विवादित मकान (मस्जिद) को जमींदोज कर दिया। मकान में बनाए जा रहे धार्मिक ढांचे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
विवाद झखौरा निवासी कामता चौधरी और उनके पारिवारिक रिश्तेदार लालमन चौधरी उर्फ अब्दुल रहमान के बीच है। दोनों ही इस भूमि पर अपना-अपना दावा कर रहे हैं। हालात उस समय बिगड़े जब लालमन उर्फ अब्दुल द्वारा उक्त स्थल पर गुंबदनुमा धार्मिक निर्माण शुरू कराया गया।
इसी भवन को लेकर मतांतरण से जुड़े आरोप भी सामने आए थे, जिसके चलते पूरा मामला संवेदनशील बना हुआ था। मझगवां एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान तहसीलदार बिरसिंहपुर शैलेन्द्र शर्मा, तहसीलदार मझगवां हिमांशु शुक्ला, एसडीओपी चित्रकूट सहित पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
तीन घंटे में गिरा अवैध निर्माण
विवादित धार्मिक संरचना सहित पूरा निर्माण ध्वस्त करने में प्रशासन की जेसीबी को करीब तीन घंटा का समय लगा। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह मकान 5 जनवरी 2026 को सीज किया गया था। स्वामित्व को लेकर भाइयों के बीच संपत्ति विवाद और मतांतरण से जुड़े आरोपों के बाद मझगवां एसडीएम ने भवन को सीज करने के आदेश दिए थे। साथ ही निर्देश दिए गए थे कि स्वामित्व विवाद के निराकरण तक स्थल की निगरानी ग्राम पंचायत द्वारा की जाएगी।
मतांतरण से जुड़ा सामने आ चुका है रैकेट
इससे पहले इसी थाना क्षेत्र में पुलिस ने मतांंतरण के एक रैकेट का खुलासा किया था, जिसमें 31 दिसंबर को पिता-पुत्र सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जांच में इस रैकेट का मुंबई कनेक्शन भी सामने आया है, जिसकी पड़ताल जारी है।
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पुलिस जांच में सामने आया कि लालमन चौधरी ने करीब 15 वर्ष पूर्व स्वयं धर्म परिवर्तन किया था और बाद में अपने बेटे व रिश्तेदार का भी मतांतरण कराया। घर में धार्मिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं, जिसकी जानकारी ग्रामीणों को तब हुई जब मस्जिदनुमा गुंबद का निर्माण शुरू हुआ।
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