पुरी में जगन्नाथ दर्शन हुए मुश्किल! मई 2026 तक 12 ट्रेनें नहीं आएंगी, जानें कारण

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पुरी रेलखंड पर विकास कार्यों के कारण मार्च से मई 2026 तक 3 महीने का मेगा ब्लॉक लगाया गया है. इससे 12 से अधिक प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनें प्रभावित होंगी. इंदौर-पुरी, श्री गंगानगर-पुरी और गांधीधाम-पुरी जैसी ट्रेनें अब साक्षी गोपाल या बीरपुरुषोत्तमपुर स्टेशनों पर शॉर्ट-टर्मिनेट होंगी. मध्‍य प्रदेश और छत्‍तीसगढ़ के यात्रियों को NTES ऐप पर स्टेटस चेक करने की सलाह दी गई है. दक्षिण मध्य रेलवे पर स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस का मार्ग भी बदलेगा. यह ब्लॉक प्लेटफॉर्म के विकास के लिए लिया गया है.

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पुरी जाने वाले एमपी और छत्‍तीसगढ़ के रेल यात्रियों को मई तक दिक्‍कत का सामना करना पड़ रहा है.

रायपुर. भारतीय रेलवे के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक पुरी को जोड़ने वाले रेलखंड पर अब बड़े पैमाने पर विकास कार्यों का दौर शुरू हो गया है. इससे मई तक मध्‍य प्रदेश और छत्‍तीसगढ़ के लाखों रेल यात्रियों को दिक्‍कत का सामना करना पड़ रहा है. इनमें से अधिकतर पुरी में भगवान जगन्‍नाथ के दर्शन के लिए जाते हैं. पूर्वी तट रेलवे के खुरदा रोड-पुरी सेक्शन में प्लेटफॉर्म उन्नयन और यार्ड रीमॉडलिंग के लिए मार्च से मई 2026 तक 3 महीने का मेगा ब्लॉक लगाया जा रहा है. यह कदम पुरी स्टेशन की क्षमता बढ़ाने और यात्री सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है. जहां पहले लाखों तीर्थयात्री और पर्यटक पुरी तक सीधी पहुंच का लाभ उठाते थे. वहां अब कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनें आंशिक रूप से प्रभावित होंगी. इससे न केवल यात्रा समय बढ़ेगा बल्कि वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है. रेलवे ने यात्रियों को पूर्व सूचना देकर असुविधा कम करने का प्रयास किया है. लेकिन गर्मियों के मौसम में यह बदलाव तीर्थयात्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है. विशेष रूप से ओडिशा के इस पवित्र शहर में जगन्नाथ मंदिर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं पर इसका सीधा असर पड़ेगा. रेलवे के इस फैसले से न केवल दैनिक यात्रियों बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी झटका लगेगा. क्योंकि पुरी रूट कई राज्यों को जोड़ता है.

इस मेगा ब्लॉक का दायरा व्यापक है. जिसमें 12 से अधिक लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं. ये ट्रेनें अब पुरी स्टेशन तक पहुंचने के बजाय साक्षी गोपाल या बीरपुरुषोत्तमपुर जैसे निकटवर्ती स्टेशनों पर समाप्त होकर वापस लौटेंगी. इससे यात्रियों को अतिरिक्त लोकल ट्रांसपोर्ट या बस सेवाओं का सहारा लेना पड़ेगा. रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह कार्य स्टेशन के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए अनिवार्य है. जिसमें प्लेटफॉर्म विस्तार. सिग्नलिंग अपग्रेड और सुरक्षा मानकों में सुधार शामिल हैं. पिछले वर्षों में इसी तरह के ब्लॉकों से रेल नेटवर्क मजबूत हुआ है. लेकिन यात्रियों की शिकायतें भी बढ़ी हैं. विशेषकर बुजुर्गों और परिवारों के लिए. रेलवे मंत्रालय ने वैकल्पिक ट्रेनों की व्यवस्था का आश्वासन दिया है. साथ ही NTES ऐप और हेल्पलाइन के माध्यम से रीयल-टाइम अपडेट उपलब्ध कराएंगे. यह बदलाव रेलवे की ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ का हिस्सा है. जो 1300 से अधिक स्टेशनों को अपग्रेड करने का लक्ष्य रखती है. पुरी जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन पर यह कार्य यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक कदम है. हालांकि अल्पकालिक असुविधा से बचने के लिए यात्रियों को पहले से योजना बनानी होगी.

प्रभावित ट्रेनों की सूची और बदलाव
पुरी-खुरदा रोड सेक्शन पर लगे मेगा ब्लॉक से सबसे अधिक प्रभावित होने वाली ट्रेनों में इंदौर-पुरी एक्सप्रेस प्रमुख है. जो अब साक्षी गोपाल पर शॉर्ट-टर्मिनेट होगी. इसी तरह गांधीधाम-पुरी और वलसाड-पुरी जैसी ट्रेनें भी प्रभावित हैं. रेलवे ने इनके शेड्यूल में समायोजन किया है. ताकि न्यूनतम असर पड़े. नीचे दी गई तालिका में प्रमुख प्रभावित ट्रेनों का विवरण दिया गया है.

ट्रेन का नाम गाड़ी संख्या प्रभावित सेक्शन नया टर्मिनेशन पॉइंट
पुरी-इंदौर एक्सप्रेस 18401 / 18402 खुरदा रोड – पुरी साक्षी गोपाल
पुरी-श्री गंगानगर एक्सप्रेस 08477 / 08478 खुरदा रोड – पुरी बीरपुरुषोत्तमपुर
पुरी-एलटीटी एक्सप्रेस 12145 / 12146 खुरदा रोड – पुरी साक्षी गोपाल
गांधीधाम-पुरी एक्सप्रेस 12993 / 12994 खुरदा रोड – पुरी बीरपुरुषोत्तमपुर
वलसाड-पुरी एक्सप्रेस 22909 / 22910 खुरदा रोड – पुरी साक्षी गोपाल

यह तालिका यात्रियों को त्वरित जानकारी प्रदान करती है. कुल 12 ट्रेनें प्रभावित हैं. जिनमें कुछ डायवर्टेड भी होंगी.

पुरी के जगन्नाथ मंदिर दर्शन यात्रियों पर असर और वैकल्पिक विकल्प
इस ब्लॉक से लाखों यात्रियों का सफर प्रभावित होगा. विशेष रूप से वे जो पुरी के जगन्नाथ मंदिर दर्शन के लिए आते हैं. गर्मी के मौसम में अतिरिक्त 20-30 किलोमीटर की दूरी तय करना थकाऊ होगा. रेलवे ने सुझाव दिया है कि लोकल EMU ट्रेनों या ओला-उबर जैसी कैब सेवाओं का उपयोग करें. इसके अलावा. भुवनेश्वर एयरपोर्ट से पुरी के लिए बढ़ी हुई बस सेवाएं उपलब्ध होंगी. यात्रियों को 139 हेल्पलाइन या IRCTC ऐप पर बुकिंग रद्द करने का विकल्प भी मिलेगा. पिछले ब्लॉकों के अनुभव से सीखते हुए रेलवे ने रिफंड प्रक्रिया को सरल बनाया है. लेकिन भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर टिकट काउंटरों पर लंबी कतारें लग सकती हैं. पर्यटन विभाग ने भी होटल और गाइड सेवाओं में छूट की घोषणा की है. ताकि तीर्थयात्री निराश न हों.

अन्य रेल मार्गों पर बदलाव, यात्रियों को 2-3 घंटे अतिरिक्त समय लगेगा 
दक्षिण मध्य रेलवे के रायनापाडु स्टेशन पर यार्ड पुनर्निर्माण के कारण 4 मई 2026 को विशाखापत्तनम-निजामुद्दीन स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस का मार्ग परिवर्तित होगा. सामान्यतः विजयवाड़ा होते हुए चलने वाली यह ट्रेन अब सिंगापुरम रोड-लखोली-दुर्ग-नागपुर रूट से चलेगी. इससे दुर्वाडा. समलकोट. राजमुंद्री. ताड़ेपल्लिगुड़म और एलुरु स्टेशनों पर ठहराव रद्द हो जाएगा. यात्रियों को 2-3 घंटे अतिरिक्त समय का सामना करना पड़ेगा. रेलवे ने इसकी सूचना पहले ही जारी कर दी है. यह कार्य नॉन-इंटरलॉकिंग सुधार के तहत है. जो सुरक्षा बढ़ाएगा. अन्य ट्रेनों पर इसका सीमित असर होगा. लेकिन लंबी दूरी के यात्रियों को वैकल्पिक बुकिंग करनी चाहिए.

वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड ट्रेनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो रहा 
यह मेगा ब्लॉक रेलवे की व्यापक आधुनिकीकरण योजना का हिस्सा है. जिसमें वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड ट्रेनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है. पुरी स्टेशन पर नई पार्किंग. एस्केलेटर और वाई-फाई जैसी सुविधाएं जोड़ी जाएंगी. इससे भविष्य में यात्रा अधिक सुगम हो जाएगी. पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह सकारात्मक है. क्योंकि बेहतर इंफ्रा से ईंधन बचत होगी. यात्रियों को सलाह है कि यात्रा से 48 घंटे पहले NTES चेक करें. रेलवे की यह पहल विकास और सुविधा का संतुलन दर्शाती है. हालांकि तत्काल असुविधा से निपटने के लिए जागरूकता जरूरी है.

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Sumit verma

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें

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