बॉडी बनाने के चक्कर में फर्टिलिटी बर्बाद कर रहे युवा ! आईवीएफ स्पेशलिस्ट ने दी चेतावनी

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Hidden Dangers in Supplements: जिम में तेजी से बॉडी बनाने के चक्कर में युवा सप्लीमेंट्स का सेवन कर रहे हैं. एक्सपर्ट्स की मानें तो कई सप्लीमेंट्स में एनाबॉलिक स्टेरॉयड मिलाए जाते हैं. ये स्टेरॉयड पुरुषों की फर्टिलिटी को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं. ये तत्व शरीर में प्राकृतिक हार्मोन के उत्पादन को रोक देते हैं, जिससे इनफर्टिलिटी का रिस्क बढ़ता है.

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जिम करने वाले लोग सप्लीमेंट्स ले रहे हैं, जिसकी वजह से फर्टिलिटी बर्बाद हो रही है.

Gym Routine Can Cause Infertility: आजकल युवाओं में बॉडी बनाने का क्रेज बढ़ गया है और इसके लिए वे जिम में जाकर खूब पसीना बहाते हैं. वर्कआउट करना सेहत के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन समस्या तब शुरू होती है, जब वे जल्द से जल्द मैस्कुलर बॉडी के लिए सप्लीमेंट्स का सेवन शुरू कर देते हैं. बाजार में कई तरह के सप्लीमेंट्स मिलते हैं, जिनमें कई सेहत के लिए नुकसानदायक भी हो सकते हैं. फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स की मानें तो बॉडी बनाने के लिए युवा कई सप्लीमेंट्स लेते हैं, जिनमें स्टेरॉयड और सिंथेटिक एलीमेंट्स भी मिले होते हैं. ये सभी तत्व पुरुषों की फर्टिलिटी को बर्बाद कर देते हैं और शरीर के हार्मोनल संतुलन को भी पूरी तरह बिगाड़ देते हैं. इससे सेहत को कई गंभीर नुकसान हो सकते हैं.

ग्रेटर नोएडा के ब्लिस आईवीएफ एंड गायनी केयर सेंटर की स्पेशलिस्ट डॉ. सोनाली गुप्ता ने News18 को बताया कि मसल्स को तेजी से बढ़ाने के लिए जिम में स्टेरॉयड और सिंथेटिक चीजों से बने सप्लीमेंट्स लेना खतरनाक होता है. कई युवा तो टेस्टोस्टेरोन के इंजेक्शन भी लेने लगते हैं. जब कोई युवा बाहर से टेस्टोस्टेरोन लेना शुरू करता है, तो ब्रेन को यह संकेत मिलता है कि ब्लड में पर्याप्त हार्मोन मौजूद है. इससे शरीर अपना प्राकृतिक टेस्टोस्टेरोन बनाना बंद कर देता है. यह प्रक्रिया टेस्टिकल्स के कामकाज को ठप कर देती है, जिससे वे सिकुड़ने लगते हैं और स्पर्म प्रोडक्शन बेहद कम रह जाता है. इससे फर्टिलिटी बर्बाद हो जाती है.

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आईवीएफ स्पेशलिस्ट के मुताबिक जिम सप्लीमेंट्स में छिपे हुए एनाबॉलिक स्टेरॉयड एजोस्पर्मिया यानी जीरो स्पर्म काउंट का कारण बन सकते हैं. ये न केवल स्पर्म काउंट को कम करते हैं, बल्कि उनकी गतिशीलता और आकार को भी खराब कर देते हैं. जो युवा सालों तक स्टेरॉयड का सेवन करते हैं, उनकी फर्टिलिटी को ट्रीटमेंट के जरिए वापस लाना भी बेहद मुश्किल हो जाता है. बाजार में मिलने वाले कई अनऑथराइज्ड मास गेनर या प्री-वर्कआउट सप्लीमेंट्स में लेबल पर जानकारी छुपाकर स्टेरॉयड मिलाए जाते हैं. युवाओं को लगता है कि वे केवल प्रोटीन पी रहे हैं, लेकिन वास्तव में वे धीमा जहर ले रहे होते हैं. ये सप्लीमेंट्स लिवर और किडनी पर भारी दबाव डालते हैं और शरीर के एंडोक्राइन सिस्टम को बाधित कर देते हैं, जिससे लिबिडो में कमी और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं.

एक्सपर्ट की मानें तो फर्टिलिटी के नुकसान के अलावा स्टेरॉयड का सेवन शरीर में अन्य गंभीर बदलाव लाता है. पुरुषों में एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ सकता है, जिससे गाइनेकोमैस्टिया जैसी कंडीशन पैदा होती है. इसके अलावा मुंहासे, समय से पहले बालों का झड़ना, अत्यधिक गुस्सा और हार्ट डिजीज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. यह एक ऐसी शारीरिक बनावट देता है, जो बाहर से मजबूत दिखती है, लेकिन अंदर से खोखली होती है. मसल्स की ग्रोथ एक धीमी प्रक्रिया है और इसके लिए धैर्य की जरूरत होती है. अगर आप सप्लीमेंट्स लेना चाहते हैं, तो पहले न्यूट्रिशनिस्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

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