घर की चौखट पार करना था मुश्किल, पति की कमाई से नहीं चल पा रहा था परिवार, फिर एक फैसले से ब

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Suhaila Khatun Success Story: सुहैला खातून 30 साल की हैं और वो बिहार के जहानाबाद जिले मुख्यालय की रहने वाली हैं. बहुत जल्दी शादी हो गई थी. काफी साधारण परिवार से आते थे, जिसके चलते सबकुछ असामान्य लगता था. घर से बाहर भी नहीं निकलने दिया जाता. ऐसे में अब क्या करता? किसी तरह गुजारा करती थी. हालांकि, जीविका से जुड़कर हमारी कहानी बदल गई.

जहानाबाद. ‘मैट्रिक परीक्षा पास करने के बाद शादी हो गई. कुछ ही वक्त बाद बच्चा भी हो गया और पति की भी इतनी ज्यादा कमाई नहीं होती कि घर परिवार अच्छे से चल सकता था. हालांकि, हिम्मत नहीं हारी और मुश्किलों से लड़ाई की. इसी बीच जीविका समूह के बारे में जानकारी मिली. ऐसे में जाकर एक बार समझा और जुड़ गए. फिर क्या, अब मेहनत ने नया रास्ता खोल दिया. आज घर पर भी कुछ पैसों का लोन उठाकर पति की मदद करती हूं और खुद भी जीविका दीदी सिलाई सेंटर में कार्य करता हूं.’ यह कहानी उस महिला की, जिनका नाम सुहैला खातून है.

सुहैला खातून 30 साल की हैं और वो बिहार के जहानाबाद जिले मुख्यालय की रहने वाली हैं. बहुत जल्दी शादी हो गई थी. काफी साधारण परिवार से आते थे, जिसके चलते सब कुछ असामान्य लगता था. घर से बाहर भी नहीं निकलने दिया जाता. ऐसे में अब क्या करता? किसी तरह गुजारा करती थी. पति हमारे पेंट करने का काम करते हैं. जो कुछ भी कमाई होती वो लाते और उसी से गुजारा होता. हमारे बच्चे भी अच्छे स्कूल नहीं जाते.

सुहैला ने कैसे बदला अपना जीवन
सुहैला ने Local 18 से कहा, ‘हालांकि, जो मेहनत से कभी पीछे नहीं हटती और जीवन में कुछ करना चाहता है तो उसको कोई नहीं रोक सकता है. इसी बीच एक पड़ोस की महिला ने हमें जीविका ग्रुप की जानकारी दी. इसके बाद कुछ दिन वहां जाकर चीजों को समझा और फिर ऐसा लगा कि हम कुछ कर सकते हैं. जीविका से जुड़ गई और फिर शुरू हुआ हमारा नया सफर. कुछ समय तक बिना किसी पैसों के कार्य किया. कुछ दिन ट्रेनिंग की और मीटिंग में बैठी. इसके बाद जब समूह से लोन प्राप्त हुआ तो छोटा मोटा व्यापार शुरू किया.”

इतनी हो जाती है कमाई
सुहैला आगे बताती हैं कि धीरे-धीरे सब कुछ सामान्य होता गया. अब तो कुछ समय पहले जीविका दीदी सिलाई सेंटर शुरू हुआ, जहां काम मिल गया. अब इस कार्य ने पूरी तरह से हमारा सब कुछ बदल दिया है. घर से बाहर निकलने की आजादी और सरकारी दफ्तर जाना, इस प्रकार का महसूस होता है. इससे हम कमाई भी अच्छी कर लेते हैं. जिस प्रकार सब लोग 8 घंटे की ड्यूटी करते हैं, वैसा ही हमारा भी है और घर बैठे महीने में 12 से 15 हजार रुपए तक कमाई कर लेते हैं. साथ ही पति भी महीने में 15 हजार तक कमाई कर लेते हैं. इस प्रकार हमारा जीवन अच्छे से चल जाता है.

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Mohd Majid

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