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Wild Brinjal ke Fayde: जंगली भट्टा एक ऐसा औषधीय पौधा है जिसे लोग अक्सर खरपतवार समझकर नष्ट कर देते हैं, लेकिन आयुर्वेद में इसका खास महत्व है. बालाघाट के आयुर्वेद चिकित्सक के अनुसार यह खांसी, कफ, दमा और डायबिटीज जैसी समस्याओं में लाभकारी माना जाता है. आदिवासी क्षेत्रों में इसका उपयोग भाप और काढ़े के रूप में किया जाता है. इसकी सब्जी खाने से इम्यूनिटी और पाचन तंत्र मजबूत होता है. हालांकि इसका सेवन सीमित मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए.
Jangli Bhatta Benefits: आजकल छोटी-छोटी बीमारी में भी लोग सीधे दवा की दुकान का रुख कर लेते हैं, लेकिन पुरानी पीढ़ियां आसपास उगने वाली वनस्पतियों से ही इलाज कर लेती थीं. उन्हीं में से एक है जंगली भट्टा, जिसे कई जगह ‘कट भटा’ भी कहा जाता है. दिखने में कंटीला और साधारण सा यह पौधा असल में कई बीमारियों में काम आता है.
बालाघाट के मशहूर आयुर्वेद चिकित्सक रमेश सेवलानी बताते हैं कि लोग इसे अक्सर खरपतवार समझकर उखाड़ देते हैं, जबकि यह सेहत के लिए काफी फायदेमंद है.
क्या होता है जंगली भट्टा?
जंगली भट्टा तीन तरह का पाया जाता है. कुछ में नीले या पीले फूल आते हैं, तो नदी किनारे मिलने वाले पौधों में सफेद फूल दिखाई देते हैं. इसके छोटे-छोटे गोल फल होते हैं, जिन पर कांटे लगे रहते हैं. यह सूखी जमीन पर भी आसानी से उग जाता है और नदियों-नालों के आसपास ज्यादा दिखाई देता है.
आदिवासियों की पारंपरिक दवा
बालाघाट के आदिवासी इलाकों में इसका खास महत्व है. वहां लोग इसे सिर्फ सब्जी के रूप में नहीं, बल्कि दवा की तरह भी इस्तेमाल करते हैं. खांसी या गले की परेशानी होने पर भट्टे को जलाकर उसकी भाप ली जाती है. यह देसी तरीका आज भी वहां अपनाया जाता है.
किन बीमारियों में देता है फायदा?
आयुर्वेद के अनुसार जंगली भट्टा खांसी, कफ और दमा में राहत देता है. डायबिटीज के मरीजों के लिए भी इसे उपयोगी माना जाता है. कई बार इसे दूसरी जड़ी-बूटियों के साथ मिलाकर काढ़ा बनाकर दिया जाता है. इसकी सब्जी खाने से इम्यूनिटी बढ़ती है, पाचन बेहतर होता है और लीवर के लिए भी फायदेमंद माना जाता है.
कैसे करें इस्तेमाल?
आमतौर पर लोग इसकी सब्जी बनाकर खाते हैं, लेकिन विशेषज्ञ की सलाह जरूरी है. यह गर्म तासीर का होता है, इसलिए ज्यादा सेवन नुकसान पहुंचा सकता है. महीने में एक बार से ज्यादा नहीं खाना चाहिए. कुल मिलाकर, जो पौधा अक्सर बेकार समझ लिया जाता है, वही प्रकृति की एक अनमोल देन साबित हो सकता है.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.