मार्च की बढ़ती गर्मी से बचना है आसान: न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर के ये 3 सिंपल टिप्स

Summer Health Tips: मार्च का महीना आते ही मौसम अचानक बदलता हुआ नजर आता है. कई जगहों पर तापमान तेजी से बढ़ने लगा है और दोपहर की धूप अब पहले से ज्यादा तेज महसूस होने लगी है. कई लोग मजाक में कह रहे हैं कि इस बार सर्दी से सीधे गर्मी आ गई और बसंत का मौसम जैसे गायब ही हो गया. खासकर बड़े शहरों में गर्मी का असर जल्दी दिखाई देने लगता है. तापमान बढ़ने के साथ ही शरीर में थकान, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, गैस, पाचन से जुड़ी परेशानियां और हीट स्ट्रेस जैसी समस्याएं भी बढ़ने लगती हैं. ऐसे में जरूरी हो जाता है कि हम अपनी डाइट और रोजमर्रा की आदतों में कुछ छोटे लेकिन असरदार बदलाव करें.

खासतौर पर महिलाओं के लिए यह मौसम थोड़ा ज्यादा चुनौती भरा हो सकता है. जिन महिलाओं को पेरिमेनोपॉज, मेनोपॉज या पोस्ट मेनोपॉज की स्थिति से गुजरना पड़ रहा है, उनके लिए शरीर के तापमान और पाचन को संतुलित रखना और भी जरूरी हो जाता है. इसी को ध्यान में रखते हुए जानी मानी न्यूट्रिशनिस्ट और लेखक रुजुता दिवेकर ने महिलाओं के लिए तीन बेहद आसान और सस्ते हेल्थ टिप्स बताए हैं, जो गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा रखने के साथ साथ पाचन को भी बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं.

इन टिप्स की खास बात यह है कि इन्हें अपनाना बहुत आसान है और इनमें किसी महंगे या मुश्किल से मिलने वाले सामान की जरूरत नहीं पड़ती.

दोपहर तक पी लें नारियल पानी और सब्जा के बीज
रुजुता दिवेकर के अनुसार गर्मी से बचने का सबसे आसान तरीका है कि हर दिन दोपहर 12 बजे तक एक गिलास नारियल पानी जरूर पिया जाए. इसमें एक चुटकी सब्जा के बीज भी डाल सकते हैं. सब्जा के बीज दरअसल तुलसी के बीज होते हैं, जिन्हें अक्सर लोग चिया सीड समझ लेते हैं, लेकिन दोनों अलग होते हैं. नारियल पानी शरीर को तुरंत हाइड्रेट करता है और इसमें मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे पोटैशियम, सोडियम और मैगनीज शरीर को एनर्जी देते हैं.

वहीं सब्जा के बीज शरीर को ठंडक देने में मदद करते हैं और पाचन को भी बेहतर बनाते हैं. गर्मियों में अगर आप दिन की शुरुआत के बाद यह ड्रिंक पीते हैं तो शरीर में पानी की कमी नहीं होती और पेट भी हल्का महसूस होता है.

दोपहर के खाने में दही या छाछ जरूर लें
दूसरी सलाह यह है कि लंच के समय दही या छाछ जरूर शामिल करें. गर्मियों में दही और छाछ दोनों ही शरीर के लिए बहुत फायदेमंद माने जाते हैं. ये प्राकृतिक कूलेंट की तरह काम करते हैं और पेट को शांत रखते हैं. रुजुता दिवेकर का कहना है कि अगर दही या छाछ में ताजा भुना हुआ जीरा पाउडर मिला दिया जाए तो इसके फायदे और बढ़ जाते हैं. जीरा पाचन को मजबूत करता है और गैस या पेट फूलने जैसी परेशानियों को कम करने में मदद करता है.

गर्मी के मौसम में अक्सर लोगों को दोपहर के समय सुस्ती या थकान महसूस होती है. दही और छाछ इस समस्या को कम करने में मदद करते हैं और शरीर को हल्का और फ्रेश महसूस कराते हैं.

शाम या डिनर के बाद खाएं केला
तीसरा आसान टिप है शाम के समय या डिनर के बाद एक केला खाना. केला पेट के लिए बहुत अच्छा माना जाता है और इसे प्राकृतिक कूलिंग फूड भी कहा जाता है. केले में कई तरह के इलेक्ट्रोलाइट्स पाए जाते हैं जो शरीर के पानी के संतुलन को बनाए रखने में मदद करते हैं. इसके अलावा यह पाचन को बेहतर करता है और कब्ज जैसी समस्या से भी राहत दिलाता है.

केला खाने से पेट भरा हुआ महसूस होता है और शरीर को जरूरी पोषण भी मिलता है. यही कारण है कि गर्मी के मौसम में इसे डाइट में शामिल करना फायदेमंद माना जाता है.

मेनोपॉज के दौरान क्यों जरूरी हैं ये टिप्स
रुजुता दिवेकर के अनुसार ये टिप्स खासतौर पर उन महिलाओं के लिए मददगार हैं जो पेरिमेनोपॉज, मेनोपॉज या पोस्ट मेनोपॉज के दौर से गुजर रही हैं. इस समय शरीर का मेटाबॉलिज्म थोड़ा धीमा हो जाता है और मौसम बदलने पर पाचन भी प्रभावित हो सकता है. कई बार महिलाओं को गैस बनने, पेट फूलने या अचानक गर्मी लगने जैसी समस्याएं होने लगती हैं. ऐसे में शरीर को ठंडा रखने वाले और पाचन को सपोर्ट करने वाले फूड्स बहुत काम आते हैं.

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