अगर आप तनाव में तो भी आप इन नीले फूलों की चाय बनाकर पी सकते हैं. अब सवाल है कि आखिर अपराजिता के फूलों की चाय पीने के फायदे क्या हैं? अपराजिता के फूलों में कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं? इस बारे में News18 को बता रही हैं राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय लखनऊ की डॉ. शचि श्रीवास्तव-
एक्सपर्ट के मुताबिक, अपराजिता के फूल में फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल, एंटी-डायबिटिक आदि पाए जाते हैं जो सभी सेहत के लिए जरूरी होते हैं. अपराजिता का फूल नीले रंग का होता है तो इसका जब काढ़ा बनाया जाता है तो उसका भी रंग नीला होता है. इसलिए इसके काढ़ा या चाय को ब्लू टी (Blue Tea) नाम से जाना जाता है.
डायबिटीज: सुबह में सभी डायबिटीज रोगियों को अपराजिता के फूल की चाय पीना चाहिए. अपराजिता के फूल में एंटी-डायबिटीक पाए जाते हैं जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं. अगर आप अपराजिता के फूल की चाय पीते हैं तो शरीर में इंसुलिन स्पाइक को रोकने में मदद मिलेगी और हाई डायबिटीज की समस्या से निजात भी मिलेगा.
बीपी कंट्रोल करें: अपराजिता फूल की चाय ब्लड प्रेशर के लिए सबसे अच्छा है. जो भी लोग ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे हैं उन्हें अपराजिता के फूल की चाय जरूर पीना चाहिए. अपराजिता के फूल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट जो फ्री रेडिकल से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं और ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल करते हैं.
कोलेस्ट्रॉल घटाए: एक्सपर्ट के मुताबिक, नियमित रूप से अपराजिता के फूल की चाय का सेवन करने से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल कम होता है जो दिल से जुड़ी बीमारियों के जोखिम को कम करने में भी मदद करता है.
कैसे बनती है अपराजिता के फूलों की नीली चाय
अपराजिता के फूलों की चाय बनाने के लिए सबसे पहले एक बर्तन में 1 कप पानी उबाल लें. अब इसमें 4 से 5 अपराजिता के फूल डाल दें. अब इसे अच्छी तरह से उबालें और फिर चीनी और गुड़ की जगह इसमें शहद डालकर एक कप सुबह और एक कप शाम सेवन करें. ऐसा करने से ऊपर बताई गई तमाम समस्याओं से राहत मिलने के साथ ही सर्दी, खांसी, जुखाम, बुखार, दर्द, सूजन और माइग्रेशन जैसी तमाम बीमारियों में आराम मिलता है.
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