क्या आपका तोता भी ठंड में सुस्त हो रहा है? एक्सपर्ट बताएंगे तुरंत असर करने वाले घरेलू केयर फॉर्मूले!

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Tota Winter Care Tips: सर्दियों में तोतों पर ठंड का गंभीर असर पड़ता है. तापमान गिरने से उन्हें सर्दी, कमजोरी, भूख कम होना और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इस लेख में बताए घरेलू टिप्स जैसे—गर्माहट देना, सही डाइट, पानी की देखभाल और पिंजरे को ठंडी हवा से बचाना—तोते के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बेहद कारगर हैं.

भीलवाड़ा: आमतौर पर देखा जाता है कि घरों में तोता एक ऐसा पालतू पक्षी है जो अपनी सुंदरता, मोठी बोली और समझदारी के कारण लोगों को बेहद पसंद आता है. बच्चे हों या बुजुर्ग, हर कोई तोते से जल्दी जुड़ जाता है, लेकिन जैसे ही सर्दी का मौसम शुरू होता है, तोते की देखभाल थोड़ी मुश्किल हो जाती है. ठंड का असर तोते के शरीर पर जल्दी पड़ता है, जिससे उसे सर्दी, खांसी, सांस लेने में तकलीफ और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. सही समय पर सही देखभाल न मिले तो तोते की हालत गंभीर भी हो सकती है.

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सर्दियों में सबसे जरूरी  तोते को ठंडी हवा और ठंडे माहौल से बचाना होता हैं. उसका पिंजरा ऐसी जगह रखें जहां तेज हवा न आती हो. दरवाजे, खिड़कियों और एसी-कूलर की सीधी हवा से उसे दूर रखें. रात के समय पिंजरे को हल्के गर्म कपड़े या चादर से ढक देना चाहिए, ताकि ठंड अंदर न जा सके. दिन में जब हल्की धूप निकले, तो कुछ समय के लिए पिंजरा धूप में रखें. इससे तोते को प्राकृतिक गर्माहट मिलती है और उसकी सेहत भी बनी रहती है.

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सर्दी के मौसम में पानी को लेकर भी खास सावधानी जरूरी होती है. हमेशा तोते को गुनगुना या सामान्य तापमान का पानी ही पिलाएं. बहुत ठंडा पानी पीने से उसका गला खराब हो सकता है और सर्दी-जुकाम की समस्या बढ़ सकती है. नहलाने की आवश्यकता पड़े तो सप्ताह में केवल एक बार हल्के गुनगुने पानी से ही नहलाएं. नहलाने के बाद तुरंत उसे तौलिए से हल्के हाथों से सुखाएं और ठंडी जगह पर बिल्कुल न रखें. गीले शरीर के साथ ठंड लगने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

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तोते के आहार में सर्दियों के दौरान बदलाव करना बेहद जरूरी होता है. इस मौसम में उसे ऐसे दाने दें जो शरीर को ऊर्जा और गर्माहट प्रदान करें. बाजरा, मक्का, मूंगफली, चना, तिल और सूरजमुखी के बीज उसके लिए अच्छे विकल्प होते हैं. इसके साथ ही हरी सब्जियां और फल भी थोड़ी मात्रा में देना जरूरी है, जैसे गाजर, पालक, पपीता, सेब और अमरूद. संतुलित आहार से तोते की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहती है और वह सर्दी में भी एक्टिव बना रहता है.

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सर्दियों में तोते की इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है, इसलिए उसे विटामिन और मिनरल युक्त भोजन देना बेहद फायदेमंद होता है. सप्ताह में एक-दो बार गुनगुने पानी में शहद की एक-दो बूंद मिलाकर देना अच्छा माना जाता है. इससे तोते को अंदरूनी गर्माहट मिलती है और सर्दी से लड़ने की ताकत भी बढ़ती है. इसके अलावा बाजार में मिलने वाली मिनरल ड्रॉप्स भी डॉक्टर की सलाह से दी जा सकती हैं. समय-समय पर साफ-सफाई का भी खास ध्यान रखें, ताकि किसी तरह का संक्रमण न फैले.

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अगर सर्दी के मौसम में तोता ज्यादा सुस्त रहने लगे, खाना-पीना कम कर दे, बार-बार छींक आए, आंखें बंद रखे या उसकी आवाज में बदलाव दिखे तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें. ये सभी लक्षण बीमारी के हो सकते हैं. ऐसे में बिना देरी किए नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. सही समय पर इलाज मिलने से तोता जल्दी ठीक हो सकता है. कुल मिलाकर, थोड़ी सी सावधानी, सही आहार और गर्म माहौल देकर आप अपने तोते को सर्दियों में भी पूरी तरह स्वस्थ, सुरक्षित और खुश रख सकते हैं.

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