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Can Heart Patients Travel by Air: हवाई जहाज में यात्रा के दौरान एयर प्रेशर में बदलाव हो जाता है, जिससे जिससे कई लोगों को सांस लेने और कान में दर्द जैसी परेशानी महसूस होने लगती है. हालांकि एयर प्रेशर या ऑक्सीजन लेवल कम होने का हार्ट पर कोई खास असर नहीं पड़ता है. जिन लोगों को हार्ट की गंभीर बीमारी है, उन्हें हवाई सफर करने से पहले कार्डियोलॉजिस्ट से क्लीयरेंस लेना चाहिए. इससे सफर के दौरान किसी भी तरह का खतरा नहीं रहेगा.
Heart Patients and Airplanes: आज के जमाने में लोगों को एयर ट्रैवल करना ज्यादा पसंद है. एयरोप्लेन के जरिए हजारों किलोमीटर की दूरी महज कुछ घंटों में तय हो जाती है और समय की काफी बचत होती है. यही वजह है कि तमाम लोग बिजनेस, नौकरी या घूमने के लिए हवाई सफर को चुनते हैं. दुनियाभर में रोज करोड़ों की संख्या में लोग हवाई जहाज से ट्रैवल करते हैं. प्लेन हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ता है, जिसकी वजह से केबिन प्रेशर और ऑक्सीजन लेवल में बदलाव हो जाता है. इससे कई लोगों को अनकंफर्टेबल महसूस होने लगता है. सांस के मरीजों को कई बार एयर ट्रैवल में परेशानी का सामना करना पड़ता है. कई बार प्रेशर की वजह से कान में भी दर्द होने लगता है. अब सवाल है कि क्या हवाई जहाज में हार्ट के मरीजों के लिए सफर करना सेफ है या इससे कोई रिस्क पैदा हो सकता है? इस बारे में कार्डियोलॉजिस्ट से हकीकत जान लेते हैं.
नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल की सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. वनीता अरोरा ने News18 को बताया कि एयरोप्लेन में सफर करते वक्त केबिन प्रेशर और ऑक्सीजन लेवल में गिरावट हो जाती है. इसका सबसे ज्यादा असर लंग्स पर पड़ता है और कुछ लोगों को सांस लेने में परेशानी होती है. हालांकि इसका कोई खास असर हार्ट पर नहीं पड़ता है. जो लोग हेल्दी हैं, उन्हें एयर ट्रैवल के दौरान किसी भी तरह की समस्या नहीं होती है. हार्ट के मरीज भी हवाई जहाज से सफर कर सकते हैं. इससे उन्हें किसी भी तरह का खतरा नहीं होता है. जिन लोगों को हार्ट की सीवियर डिजीज होती है, उन्हें हवाई जहाज से सफर करने से पहले एक बार कार्डियोलॉजिस्ट से मिलकर कंसल्ट जरूर करना चाहिए. ऐसे मामलों में डॉक्टर जांच के बाद लोगों को एयर ट्रैवल का क्लियरेंस देते हैं, ताकि मरीज को सफर के दौरान किसी तरह की दिक्कत न हो.
कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया कि एयर ट्रैवल से हार्ट डिजीज का कोई कनेक्शन नहीं होता है, लेकिन फिर भी हार्ट के पेशेंट्स को एहतियात के तौर पर लंबा एयर ट्रैवल करने से पहले डॉक्टर से क्लियरेंस लेना चाहिए. कई बार घंटों एक जगह बैठने से भी लोगों की तबीयत बिगड़ जाती है, जिसका हवाई सफर से कोई लेना देना नहीं होता है. आजकल सोशल मीडिया पर तमाम फर्जी चीजें दिखाई जाती हैं, जिसके चक्कर में लोग हर चीज को हार्ट से जोड़ने लगते हैं. लोगों को इन चीजों से बचना चाहिए और अगर किसी तरह की समस्या या कंफ्यूजन हो, तो इस बारे में डॉक्टर से मिलकर कंसल्ट करना चाहिए.
डॉक्टर वनीता के अनुसार इस वक्त दिल्ली एनसीआर में एयर पॉल्यूशन बहुत ज्यादा हो चुका है और हार्ट के मरीजों को इससे काफी नुकसान होता है. हवा में मौजूद जहरीले कण शरीर में पहुंचकर हार्ट को भी अफेक्ट करते हैं. इससे बचने के लिए लोगों को जहरीली हवा से बचना चाहिए, अपनी दवाएं समय पर लेनी चाहिए और समय-समय पर अपने हार्ट की जांच करानी चाहिए. इसके अलावा अपनी लाइफस्टाइल और खानपान को भी हेल्दी रखना चाहिए, ताकि किसी भी तरह की परेशानी न हो. अगर कोई समस्या महसूस हो, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलकर जांच कराएं और अपना सही इलाज कराएं.
अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्… और पढ़ें