Instant Noodles harmful effects: ग्लोबलाइजेशन के इस दौर में लोगों का खान-पान भी ग्लोबल हो गया है. लेकिन स्वाद के चक्कर में इस खान-पान को इतना अनहेल्दी बनाया जाने लगा है कि इससे कई तह क बीमारियां भरी जवानी में हो जाती है. इसी तरह की एक चीज है जिसे इंस्टेंट नूडल्स कहा जाता है. यह चीनी खाद्य पदार्थ है जिसका बहुत ही खराब रुप यहां बनाया जाता है. इसे मैदा से तैयार किया जाता है. मैदा अपने आप में अल्ट्रा प्रोसेस्ड है. इसके बाद इसमें कई तरह के केमिकल मिलाकर इसे रिफाइंड से पकाया जाता है. ऐसे में यदि आपको इंस्टेंट नूडल्स खाने की आदत है तो संभल जाइए. इससे इतनी तरह की दिक्कतें होगी कि शरीर बीमारियों का घर बन जाएगा.
इंस्टेंट नूडल्स के इतने नुकसान
1. वजन को बढ़ाता है- हेल्थशॉट ने एक्सपर्ट के हवाले से बताया है कि इंस्टेंट नूडल्स में लगभग सभी तरह के पोषक ततव खत्म हो जाते हैं. यह अपने खराब पोषण प्रोफ़ाइल के लिए बदनाम हैं. इनमें विटामिन, खनिज, प्रोटीन और फाइबर जैसे आवश्यक तत्व बहुत कम होते हैं. इसके बजाय इनमें अधिकतर कैलोरी, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और अनहेल्दी फैट से आती है. ऐसे में यह सीधा वजन को बढ़ाता है.
2. मोनोसोडियम ग्लूटामेट-नूडल्स में स्वाद बढ़ाने के लिए मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG) मिलाया जाता है. अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन MSG को आमतौर पर सुरक्षित मानता है लेकिन कुछ रिसर्च में इसके खतरनाक साइड इफेक्ट्स सामने आए हैं. अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार MSG का अधिक सेवन वजन बढ़ने, सिरदर्द, मतली और यहां तक कि उच्च रक्तचाप से जुड़ा है. हालांकि कुछ अन्य अध्ययनों में मध्यम मात्रा में MSG के सेवन और वजन के बीच कोई संबंध नहीं पाया गया.
3. सोडियम की अधिक मात्रा-सोडियम की अधिक मात्रा का सीधा मतलब है कि इसमें नमक की बहुत ज्यादा मात्रा होती है. ज्यादा नमक हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज, किडनी डिजीज जैसी बीमारियों का कारण बनती है. इसलिए यदि आप रोज नूडल्स खाते हैं तो इसके संभावित दुष्परिणाम सामने आएंगे. डायटीशियन सलोनी अरोड़ा बताती हैं कि जिन लोगों को पहले से हृदय संबंधी समस्याएं हैं या जिन्हें उच्च रक्तचाप की दिक्कतें हैं, उनके लिए इंस्टेंट नूडल्स का नियमित सेवन इन स्थितियों को और बिगाड़ सकता है और गंभीर हार्ट डिजीज का कारण बन सकती है.
4. नुकसानदेह मैदा- इंस्टेंट नूडल्स मुख्य रूप से मैदा से बनाई जाती हैं, जो एक तरह का अत्यधिक प्रोसेस किया गया सफेद आटा है. साबुत अनाज की तुलना में मैदे में फाइबर और जरूरी पोषक तत्वों की हानि हो जाती है. अरोड़ा कहती हैं कि मैदे का अधिक मात्रा में सेवन करने से ब्लड शुगर के स्तर में तेजी से वृद्धि हो सकती है, इससे डायबिटीज वाले लोगों के लिए बहुत मुश्किल हो सकती है. इसके अलावा रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट से भरपूर आहार मोटापा, मेटाबॉलिक सिंड्रोम और टाइप 2 डायबिटीज के बढ़ते जोखिम से जुड़ा है.
5. विटामिन डी की कमी-न्यूट्रिशन रिसर्च एंड प्रैक्टिस में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक इंस्टेंट नूडल्स का बार-बार सेवन मेटाबॉलिक सिंड्रोम के जोखिम को बढ़ा सकता है. यह ऐसी स्थिति है जिसमें हाई ब्लड प्रेशर, हाई ब्लड शुगर, कमर के आसपास अतिरिक्त चर्बी और असामान्य कोलेस्ट्रॉल स्तर का खतरा बढ़ जाता है. जर्नल ऑफ कोरियन मेडिकल साइंस के मुताबिक इंस्टेंट नूडल्स का नियमित सेवन शरीर में विटामिन डी के लेवल में भी कमी लाती है.
6. हार्ट अटैक का खतरा –इंस्टेंट नूडल्स को अक्सर पाम ऑयल या रिफाइंड या अन्य अनहेल्दी तेलों में तला जाता है. इसका परिणाम होता है इसमें सैचुरेटेड फैट और ट्रांस वसा की मात्रा अधिक हो जाती है. दोनों ही फैट LDL (खराब) कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाने और HDL (अच्छे) कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए जाने जाते हैं. अरोड़ा कहती हैं कि ऐसी वसा से भरपूर आहार धमनियों में वसा के जमाव से होने वाली एथेरोस्क्लेरोसिस नामक बीमारी का कारण बन सकता है, जिससे दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा, खराब फैट का अत्यधिक सेवन मोटापा, लिवर रोग और अन्य दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हुआ है.
7. हानिकारक प्रिजर्वेटिव से भरपूर-शेल्फ लाइफ बढ़ाने और स्वाद बनाए रखने के लिए इंस्टेंट नूडल्स में टर्शियरी ब्यूटाइलहाइड्रोक्विनोन (TBHQ) और ब्यूटाइलेटेड हाइड्रोक्सीएनीसोल (BHA) जैसे प्रिजर्वेटिव डाले जाते हैं. हालांकि ये रसायन कम मात्रा में सुरक्षित माने जाते हैं, लेकिन लंबे समय तक इनका सेवन हानिकारक हो सकता है. ईरानियन जर्नल ऑफ बेसिक मेडिकल साइंसेज में प्रकाशित एक अध्ययन ने TBHQ के लंबे समय तक संपर्क को न्यूरोलॉजिकल क्षति, लिंफोमा (एक प्रकार का कैंसर) के बढ़े हुए खतरे और लिवर के आकार में वृद्धि से जोड़ा है.